पटनाः बिहार में मानसून पूरे तरीके से सक्रिय है। ज्यादातर जिलों में मौसम सुहाना बना हुआ है। प्रचंड गर्मी से लोगों को छुटकारा मिला है। लेकिन कई जगहों पर बारिश और धूप के बीच लोग उमस से भी परेशानइ है। वहीं वज्रपात से राज्य में करीब 40 लोगों की जान जा चुकी है। राजधानी पटना में अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना है।
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IMD पटना के अनुसार, कोसी-सीमांचल और अंगक्षेत्र के जिलों समेत दक्षिण बिहार के इलाकों में भी आज बारिश और वज्रपात की संभावना है। गया और नवादा में भारी बारिश के आसार हैं। मधेपुरा, सहरसा, किशनगंज, पूर्णिया,कटिहार, भागलपुर, बांका, पटना, औरंगाबाद, भोजपुर, बक्सर समेत अन्य कई जिलों में वज्रपात की संभावना को देखते हुए चेतावनी जारी की गयी है।बिहार के अधिकतर जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होगी। इस दौरान कहीं-कहीं ठनका गिरने की भी आशंका है। वहीं, नालंदा, शेखपुरा और जमुई में भारी बारिश की संभावना है।मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के पटना सहित गया, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद सहित सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, पश्चिम व पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज में मध्यम व तेज बारिश होने की संभावना है।
मानसून की सक्रियता के बाद गंगा सहित कई नदियों में उफान है।पटना के दियारा इलाकों में बाढ़ का पानी आ जाने के कारण लोगों के सामने भारी परेशानी खड़ी हो गई है। बिहार में गंगा, बूढ़ी गंडक और पुनपुन नदियों ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। ये तीनों नदियां खतरे के लाल निशान को पार कर गई हैं। इसी क्रम में गंगा के जलस्तर बढ़ने से दियारा इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर रहा है। धनरुआ, दनियावां और फतुहा के कई गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है।
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पटना जिला प्रशासन ने 78 विद्यालयों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बाद मनेर और दानापुर प्रखंडों के टाल क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी भर गया है। बिहार जल संसाधन विभाग के मुताबिक, रविवार को गंगा नदी पटना जिले में दीघा, गांधीघाट और हाथीदह के पास खतरे के निशान को पार कर गई है जबकि पुनपुन नदी श्रीपालपुर में लाल निशान के ऊपर बह रही है।बूढ़ी गंडक खगड़िया में रौद्र रूप में है और वहां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस बीच, पटना जिले के मनेर में सोन नदी का जलस्तर सुबह छह बजे खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर था। इसके जलस्तर में सोमवार को कमी होने की संभावना है।
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रोहतास जिले में सोन नदी के कटाव को लेकर तटीय गांव के लोग डरे हुए हैं। सोन नदी के उफान पर होने के कारण नौहट्टा और तिलौथू इलाकों में बाढ़ का पानी कई गांवों में फैल गया है। बताया गया कि बाढ़ का पानी खेतों में भी फैल गया है, जिससे खड़ी फसलों के भी नुकसान की आशंका व्यक्त की जा रही है।
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भागलपुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहरवासियों के साथ-साथ पुलिस को भी बेहाल कर दिया है। हालत इतनी खराब हो गई है कि नाथनगर थाना पूरी तरह जलमग्न हो गया है। नाले का गंदा पानी थाने में घुस गया है, जिससे सारा कामकाज ठप हो गया है।नाथनगर थाना परिसर में करीब तीन फीट तक पानी भर गया है. थाने का हाजत, कंप्यूटर रूम और थानाध्यक्ष का कार्यालय तक सब जलमग्न हो गया है। पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान कुर्सियों पर पैर चढ़ाकर काम करने को मजबूर हैं। वहीं, सबसे दर्दनाक स्थिति हाजत में बंद एक कुख्यात अपराधी की रही, जिसे करीब पांच घंटे तक गंदे पानी में खड़ा रहना पड़ा।

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थाना परिसर में सुबह चार बजे से ही पानी भरना शुरू हो गया था। हाजत में बंद आरोपी को नाले के पानी में रहना पड़ा। सुबह साढ़े नौ बजे के बाद पानी की निकासी हुई, तब जाकर आरोपी को बाहर निकालकर हाजत की सफाई कराई गई। इसके बाद दोबारा उसे वापस हाजत में रखा गया। पानी भरने से कंप्यूटर रूम में रखे कई दस्तावेज और उपकरण भी खराब हो गए हैं।




