चतरा: झारखंड पुलिस को उग्रवाद के खिलाफ अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के हार्डकोर उग्रवादी नरेश गंझू उर्फ रविकांत (35) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह चतरा जिले के लावलौंग थाना क्षेत्र का रहने वाला है।

सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद नरेश गंझू उर्फ रविकांत को एक गुप्त स्थान पर रखकर उससे गहन पूछताछ की जा रही हैं। माना जा रहा है कि पूछताछ में टीएसपीसी के नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों, लेवी वसूली और संगठन की गतिविधियों से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि रविकांत लंबे समय से झारखंड पुलिस के मोस्ट वांटेड उग्रवादियों में शामिल था। उसकी गिरफ्तारी को टीएसपीसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस पूरे मामले का खुलासा कर सकती है। झारखंड पुलिस उग्रवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता मान रही हैं। नरेश गंझू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का अब संगठन के सुप्रीमो बृजेश गंझू उर्फ सरदार पर केंद्रित हो गया है। बृजेश गंझू तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी के संस्थापक है। उसके विरुद्ध झारखंड के विभिन्न जिलों के 100 से अधिक मामले दर्ज है। झारखंड सरकार उनकी गिरफ्तारी पर पंद्रह लाख का ईनाम रखे हुए है। नरेश लावालौंग थाना क्षेत्र के मंधनिया गांव निवासी स्व. शिवनाथ गंझू उर्फ जानकी गंझू का पुत्र है। वह लंबे समय से कई संगीन मामलों में फरार चल रहा था। एसपी अनिमेष नाथवानी ने बताया कि 19 जुलाई को गुप्त सूचना मिली कि नरेश गंझू चोरी-छिपे अपने गांव आया हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद विशेष नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया।

अभियान का नेतृत्व सिमरिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नागरगोजे शुभम भाउसाहब कर रहे थे। छापेमारी के दौरान मंधनिया गांव स्थित फुटबाल मैदान से करीब 100 मीटर दूर घने जंगल के पास से उस उग्रवादी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार नक्सली बालूमाथ थाना कांड संख्या 168/19 का वांछित अभियुक्त था। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, सीएलए एक्ट तथा यूएपीए जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है। एसपी ने बताया कि नरेश गंझू के विरुद्ध चतरा व लातेहार जिले के विभिन्न थानों में छह मामले दर्ज हैं। इनमें बालूमाथ थाना के दो, लावालौंग थाना के दो, कुंदा और सिमरिया थाना में एक-एक मामला शामिल है। इन मामलों में हत्या, अपहरण, रंगदारी, अवैध हथियार रखने, प्रतिबंधित संगठन की गतिविधियों में शामिल रहने तथा यूएपीए के तहत अपराध दर्ज हैं। लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी। इस कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नागरगोजे शुभम भाउसाहब, लावालौंग थाना के पुलिस अवर निरीक्षक विधायक प्रसाद यादव, एसएसबी 35वीं बटालियन के जवान तथा लावालौंग थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।


