गुमला : झारखंड की बेटियों ने राष्ट्रीय फुटबाल के मैदान पर एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। नई दिल्ली के डॉ. बीआर आंबेडकर स्टेडियम में खेले गए 65वें सुब्रतो मुखर्जी फुटबाल कप के अंडर-17 बालिका वर्ग के फाइनल में झारखंड का प्रतिनिधित्व कर रही संत पैट्रिक स्कूल, गुमला की टीम ने मिजोरम की एनसीसी टीम को 2-0 से हराकर राष्ट्रीय खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ गुमला की टीम ने तीसरी बार प्रतिष्ठित सुब्रतो कप की ट्रॉफी जीतकर नया इतिहास रचा। फाइनल मुकाबले में गुमला की खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। बेहतर तालमेल, अनुशासन और मजबूत रक्षापंक्ति के साथ टीम ने मिजोरम पर लगातार दबाव बनाए रखा। खिलाड़ियों के शानदार संयोजन का नतीजा दो गोल के रूप में सामने आया। दूसरी ओर गोलकीपर खुशबू कुमारी की सतर्कता और रक्षा पंक्ति के मजबूत प्रदर्शन ने मिजोरम को खाता खोलने का मौका नहीं दिया। 2-0 की बढ़त के साथ मुकाबला समाप्त होते ही मैदान पर झारखंड की बेटियों की खुशी देखते बनी।


2022 में शुरू हुआ चैंपियन बनने का सफर
संत पैट्रिक स्कूल की बालिका टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना ली है। वर्ष 2022 में 61वें सुब्रतो कप में गुमला की टीम ने मणिपुर को 3-1 से हराकर पहली बार राष्ट्रीय खिताब जीता था। अगले वर्ष 2023 में टीम ने हरियाणा को 3-0 से हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। अब 2026 में मिजोरम को 2-0 से हराकर टीम ने तीसरी बार राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है।
कप्तान बीना का नेतृत्व, खुशबू की दीवार
फाइनल में कप्तान बीना कुमारी ने टीम को शानदार नेतृत्व दिया। वहीं गोलकीपर खुशबू कुमारी ने गोलपोस्ट के सामने मजबूती दिखाते हुए विपक्षी हमलों को नाकाम किया। रक्षापंक्ति में मनीषा डुंगडुंग ने प्रभावी खेल दिखाया, जबकि ऊषा कुमारी ने आक्रमण में लगातार दबाव बनाए रखा। कोच एवं प्रशिक्षक बीना केरकेट्टा की रणनीति ने टीम के खेल में संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विजेता टीम को पांच लाख रुपये का पुरस्कार
राष्ट्रीय चैंपियन बनने वाली टीम को सुब्रतो मुखर्जी फुटबाल कप की ओर से पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बेस्ट गोलकीपर और कोच बीना केरकेट्टा को 50-50 हजार रुपये का कैश अवार्ड मिलेगा।

सांसद सुखदेव भगत ने दी बधाई
लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने टीम की जीत पर बधाई देते हुए कहा कि गुमला की बेटियों ने ट्रॉफी जीतकर पूरे क्षेत्र और झारखंड का नाम रोशन किया है। यह केवल ट्रॉफी की जीत नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की बेटियों के हौसले, संघर्ष और प्रतिभा की जीत है। उन्होंने कहा कि गुमला और लोहरदगा फुटबाल की धरती हैं और यहां की बेटियां अब दिल्ली तक अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। खिलाड़ियों, कोच, शिक्षकों और परिवारों को बधाई देते हुए उन्होंने बेहतर सुविधाएं और मंच उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास का भरोसा दिया।





