रांचीः झारखंड में गणतंत्र दिवस पूरी शान से मनाया जा रहा है। इस बीच रांची के मोरहाबादी मैदान में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने परेड की सलामी ली और झंडारोहण किया। इस बार की परेड में बंगाल पुलिस की बटालियन भी शामिल थी।राज्यपाल ने गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए अपने भाषण में कहा कि गणतंत्र दिवस हम सभी के लिए अपने राष्ट्र और अपनी सम्प्रभुता का गौरवगान करने का दिन है।आज स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद करने का दिन है, जिन्होंने अपने त्याग और बलिदान से हमें आजादी दिलाई और इस गौरवशाली गणतंत्र का निर्माण किया।
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राज्यपाल का संबोधन
राज्यपाल ने कहा कि हमारा झारखण्ड आज प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। राज्य में अवसरों की कोई कमी नहीं है। चाहे आधारभूत संरचना में निवेश की बात हो, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने की बात हो, उद्योग-धंधों में नवाचार की बात हो, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार का कार्य हो अथवा कृषि के क्षेत्र में नये सुधारों को लागू करने की बात हो, आज हर क्षेत्र में नये अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि झारखण्ड अपने खनिज संसाधनों के कारण ‘रत्नगर्भा’ कहलाता है। यह धरती न केवल सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान दे रही है, बल्कि राष्ट्र को नई दिशा भी प्रदान कर रही है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारा देश ‘विकसित भारत @2047′ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।राज्यपाल ने कहा कि हम भारत के लोगों ने अपना संविधान स्वयं बनाया और उसे अधिनियमित और आत्मार्पित किया। भारत के सुनहरे भविष्य की आधारशिला 26 जनवरी, 1950 को हमारे संविधान को लागू करने के साथ ही रख दी गयी थी।
उन्होंने कहा कि हमारा संविधान अतीत के अनुभवों, वर्तमान की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रख कर बनाया गया, दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान है। 76 वर्षों का यह सफर बताता है कि हम एक सफलतम् लोकतांत्रिक गणतंत्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं।’वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से प्रेरित हमारा संविधान एक पवित्र दस्तावेज है। इसे एक ऐसे राष्ट्र के नागरिकों ने तैयार किया है जिनकी भावनाओं के मूल में विश्व-बंधुत्व और मानव कल्याण की सोच है।
झारखण्ड के मेधावी छात्रों को विदेशों में शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने हेतु टॉप विश्वविद्यालयों में अध्ययन के लिए चयनित विद्यार्थियों की शत् प्रतिशत ट्यूशन फीस का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। “गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना” के माध्यम से छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आने वाली आर्थिक बाधाओं को दूर किया जा रहा है।
‘वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना’ तथा ‘मानकी मुण्डा छात्रवृत्ति योजना’ से कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्र-छात्राओं को आर्थिक सम्बल प्रदान किया जा रहा है। राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में मेरा निरंतर प्रयास है कि हमारे विद्यार्थियों को हर हाल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो।
उच्च शिक्षा केवल डिग्रियों तक सीमित न रहे, बल्कि यह विद्यार्थियों के लिए बेहतर सोच, कौशल और चरित्र के निर्माण का माध्यम बने। शैक्षणिक सत्रों की नियमितता सुनिश्चित करने और विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु हमारी सरकार कृत संकल्पित है। राज्य सरकार द्वारा सुपर स्पेशियलिटी रिम्स-2 का निर्माण कराया जा रहा है।इसके अलावा, PPP मोड पर 6 नये चिकित्सा महाविद्यालय पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा एवं धनबाद में निर्माण की कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ कराने हेतु ‘मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना’ को अगले 5 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जायेगा। इस योजना के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक एवं चिकित्सा महाविद्यालयों को नवीनतम सुविधाओं से युक्त किया जायेगा।
ऑक्सफोर्ड के जिस कॉलेज में पढ़े जयपाल सिंह मुंडा वहां पहुंचे हेमंत सोरेन, सेंट जॉन्स कॉलेज ने सहेजी हैं स्मृतियां
क्यों शामिल नहीं हुए हेमंत सोरेन?
बता दें कि हर साल झारखंड के मुख्यमंत्री उपराजधानी दुमका में झंडा फहराते हैं, लेकिन इस बार वह अपने विदेश दौरे पर लंदन में हैं। जिसके चलते वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए इसको लेकर बीजेपी ने उन पर हमला बोला है। बीजेपी ने उन पर गणतंत्र दिवस का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि इस खास मौके पर मुख्यमंत्री और सरकारी अधिकारी लंदन की सड़कों पर खरीदारी कर रहे हैं।Republic Day समारोह के मौके पर कई मंत्री, नेता व अन्य लोग मौजूद रहे। इस मौके पर विभिन्न विभाग की झांकियों का भी प्रदर्शन किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया था। पूरा मोरहाबादी मैदान छावनी में तब्दील था।नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर अपनी पत्नी के साथ सैर-सपाटा कर रहे थे, जबकि उन्हें राष्ट्रीय ध्वज फहराना चाहिए था। भाजपा ने इसे संविधान का अपमान बताया और दावोस समझौतों पर भी सवाल उठाए, जो रांची में भी हो सकते थे।








