गोल्डी बराड़ और लाॉरेंस बिश्नोई की दोस्ती खत्म, झारखंड में पाकिस्तान से आ रहा था हथियार; मयंक सिंह का बड़ा खुलासा

गैंगस्टर मयंक सिंह को रांची लेकर पहुंची ATS की टीम, अजरबैजान से प्रत्यर्पण कर लाया गया झारखंड

अजरबैजान से प्रत्यर्पण कर झारखंड लाए गए सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह ने एटीएस की पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। मयंक ने कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई, उसके भाई अनमोल और सिद्धू मुसेवाला समेत कई हत्याओं के आरोपी गोल्डी बरार की गतिविधियों से जुड़े राज भी उगले हैं। मयंक ने खुलासा किया है कि अनमोल गिरफ्तारी के बाद अमेरिका की जेल में बंद है, जबकि गोल्डी अमेरिका में ही रह कर गिरोह चला रहा है। हालांकि उसने अपनी राहें लॉरेंस से अलग कर ली हैं। मयंक ने विदेशों से हथियार तस्करी कर भारत के आपराधिक गिरोहों को सप्लाई करने वाले गैंग का भी खुलासा किया है।

अमन साहू ने मयंक के जरिए ही लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बरार और रोहित गोदारा जैसे अपराधियों से संपर्क साधा था। हवाला के जरिए पैसों के लेनदेन से लेकर हथियार खरीद का काम मयंक देखता था। मयंक से जानकारी मिली है कि गोल्डी बरार का करीबी रोहित गोदारा भी अजरबैजान से ही गिरोह चलाता है।

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सुनील मीणा ने पूछताछ में खुलासा किया था कि पंजाब के तरणताल, अमृतसर, फिरोजपुर के इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए आर्म्स और ड्रग्स की तस्करी होती है। पाकिस्तान में शाहबाज भट्टी समेत कई अन्य आर्म्स तस्कर हैं, जो विदेशी हथियार की सप्लाई भारत के आपराधिक गिरोहों को करते हैं। आर्म्स की डिलिवरी के बाद देश के अलग-अलग गिरोह के अपराधी पंजाब के गैंग्स की मदद से हथियार हासिल करते हैं।

इसके बाद यूरोप में बैठे तकरीबन आधा दर्जन लोगों के जरिए हवाला से पैसा क्वालालंपुर के पाक पंजाब रेस्तरां तक पहुंचता है। इसके बाद ये पैसे पाकिस्तानी आर्म्स डीलरों तक पहुंचते हैं। झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने इस संबंध में बताया कि राज्य में अमन साहू के द्वारा पाकिस्तानी हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। मयंक सिंह ने भी गिरोह के कई सदस्यों के नाम बताए हैं। अब पंजाब, हरियाणा, यूपी समेत अन्य राज्यों की पुलिस की मदद से हथियार तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए एटीएस संबंधित राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर रही है।

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