मैथन और तेनुडैम के फाटक खुले, मानसून की बारिश से जलस्तर में वृद्धि, सैलानियों की उमड़ी भीड़

maithan dam

धनबाद/बोकारो। झारखंड में मानसून की पहली मूसलधार बारिश के साथ ही राज्य के प्रमुख जलाशयों में जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। धनबाद जिले के प्रसिद्ध मैथन डैम और बोकारो स्थित तेनुडैम के कई फाटक खोल दिए गए हैं। इस नजारे को देखने के लिए सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। जहां एक ओर यह दृश्य पर्यटकों के लिए रोमांचक है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

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मैथन डैम के दो फाटक और गैलरी खोले गए

धनबाद के निरसा में स्थित मैथन डैम का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। डीवीसी (दामोदर वैली कॉरपोरेशन) द्वारा दो फाटक और गैलरी खोल दी गई हैं, जिससे डैम से तेज वेग से पानी निकल रहा है। डीवीसी और केंद्रीय जल आयोग मानसून पूर्व तैयारी के तहत यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि डैम के गेट सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं या नहीं।

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इस दौरान डैम में जमा गाद भी हटाया जा रहा है, ताकि मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सके। फिलहाल मैथन डैम का जलस्तर 471.59 फीट तक पहुंच चुका है।

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सैलानियों की भीड़ उमड़ी, अद्भुत नजारे का आनंद

फाटक और गैलरी खुलने की सूचना मिलते ही आसपास के इलाकों से सैकड़ों सैलानी मैथन पहुंचने लगे। पर्यटक तेज बहाव और गिरते पानी के खूबसूरत नजारों को कैमरे में कैद कर रहे हैं। सैलानियों ने बताया कि “मैथन का यह दृश्य प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं। यह अनुभव दिल को सुकून देने वाला है।”

 तेनुडैम के आठ फाटक भी खुले, दामोदर नदी उफान पर

इधर, बोकारो जिले में स्थित तेनुडैम पर भी लगातार बारिश के कारण भारी दबाव बना हुआ है। जलस्तर के बढ़ने के कारण डैम के आठ फाटक खोल दिए गए, जिससे दामोदर नदी में जलप्रवाह तेज हो गया है और निचले इलाकों में पानी भर गया है।

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तेनुडैम की अधिकतम जल भंडारण क्षमता 852.50 मिलियन क्यूबिक मीटर है, जबकि बारिश के चलते जलस्तर इस सीमा को पार करने लगा था। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगभग 41,670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

प्रशासन ने जारी की चेतावनी

प्रशासन ने डैम के निचले क्षेत्रों में बसे लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति के लिए आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट मोड में रखा गया है। खासकर दामोदर घाटी और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

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