By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Live Dainik-Latest & Live News in HindiLive Dainik-Latest & Live News in HindiLive Dainik-Latest & Live News in Hindi
  • होम पेज
  • बिहार चुनाव
  • राज्य
    • बिहार
    • झारखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तरप्रदेश
    • अंडमान एवं निकोबार
    • असम
    • आँध्रप्रदेश
    • ओड़िशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • छत्तीसगढ़
    • तमिलनाडु
    • जम्मु-कश्मीर
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दमन और दीव
    • दादरा और नगर हवेली
    • दिल्ली
    • नागालैंड
    • पंजाब
    • पुडुचेरी
    • मणिपुर
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
  • झारखंड
    • दक्षिण छोटानागपुर
      • राँची
      • खूँटी
      • गुमला
      • सिमडेगा
      • लोहरदग्गा
    • उत्तरी छोटानागपुर
      • हजारीबाग
      • रामगढ़
      • चतरा
      • गिरिडीह
      • कोडरमा
    • कोयला क्षेत्र
      • धनबाद
      • बोकारो
    • कोल्हान प्रमंडल
      • सरायकेला
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
    • पलामू प्रमंडल
      • पलामू
      • गढवा
      • लातेहार
    • संथाल परगना
      • दुमका
      • देवघर
      • जामताड़ा
      • गोड्डा
      • साहिबगंज
      • पाकुड़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • खेल
  • धर्म
  • लाइफ स्टाइल
  • मनोरंजन
  • वेब स्टोरी
Reading: 26 सितंबर 1995 गजलीटांड खान हादसा- 29 साल बाद उस काली रात को याद कर आज भी कांप जाता है धनबाद
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Live Dainik-Latest & Live News in HindiLive Dainik-Latest & Live News in Hindi
Font ResizerAa
  • होम पेज
  • बिहार चुनाव
  • राज्य
  • झारखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • खेल
  • धर्म
  • लाइफ स्टाइल
  • मनोरंजन
  • वेब स्टोरी
Search
  • होम पेज
  • बिहार चुनाव
  • राज्य
    • बिहार
    • झारखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तरप्रदेश
    • अंडमान एवं निकोबार
    • असम
    • आँध्रप्रदेश
    • ओड़िशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • छत्तीसगढ़
    • तमिलनाडु
    • जम्मु-कश्मीर
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दमन और दीव
    • दादरा और नगर हवेली
    • दिल्ली
    • नागालैंड
    • पंजाब
    • पुडुचेरी
    • मणिपुर
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
  • झारखंड
    • दक्षिण छोटानागपुर
    • उत्तरी छोटानागपुर
    • कोयला क्षेत्र
    • कोल्हान प्रमंडल
    • पलामू प्रमंडल
    • संथाल परगना
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • खेल
  • धर्म
  • लाइफ स्टाइल
  • मनोरंजन
  • वेब स्टोरी
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -

Home | 26 सितंबर 1995 गजलीटांड खान हादसा- 29 साल बाद उस काली रात को याद कर आज भी कांप जाता है धनबाद

26 सितंबर 1995 गजलीटांड खान हादसा- 29 साल बाद उस काली रात को याद कर आज भी कांप जाता है धनबाद

LiveDainik Desk
September 26, 2024 5:31 PM
By LiveDainik Desk
1 year ago
Share
gajalitand
SHARE

धनबादः    26 सितंबर 1995, रात के 9:15 बजे, धनबाद के गजलीटाड़ कोलियरी में अचानक बिजली चली गई। मूसलाधार बारिश के बीच छाया अंधेरा आज तक नहीं छंटा है। कोयले की काली कमाई भ्रष्टाचार की कालिख और अफसरों की काहिली कि वह काली रात आज भी उन 64 घरों में अंधेरा कर देती है जिनके चिराग़ों को अंतिम सांस के लिए खुला आसमान तक नसीब नहीं हुआ। जमीन के कई मीटर अंदर वे हमेशा के लिए दफन हो गए। 25 साल बाद 26 सितंबर 2024 को धनबाद के गजलीटाड़ कि उस भयावह रात को याद कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

Contents
  • चास नाला जैसा हादसा था गजलीटांड
  • कतरी नदी ने प्रलय ला दिया
  • फंसे 64 मजदूर मदद की गुहार लगाते रहे
  • अचानक करोड़ों लीटर पानी खान में घुसा
  • रात के 12:45 कतरी नदी का तटबंध टूट गया
  • कतरी नदी ने बदल लिया रास्ता
  • धनबाद में बारिश का सारा रिकॉर्ड टूटा
  • जांच के लिए आयोग का गठन
  • बंगले से भाग गए थे अधिकारी

चास नाला जैसा हादसा था गजलीटांड

अब्दुल वाहिद से लेकर लोधा मांझी के परिजनों के लिए यह तारीख कभी ना भूलने वाली ऐसी रात है जो खानों में काम करने वाले किसी भी मजदूर को नसीब ना हो। 25 साल पहले 30 सितंबर 1995 को धनबाद के गजलीटांड़ कोलियरी ने एक बार फिर चास नाला हादसे को दोहरा दिया। नई पीढ़ी तो नई सदी से चंद सालों पहले हुए इस भयानक हादसे के बारे में जानती भी नहीं होगी लेकिन जिस तरह से कोयले की काली कमाई का सरकारी और गैर सरकारी सांठगांठ से चल रहा खेल एक और हादसे को निमंत्रित कर रहा है उससे सबक लेने की तारीख है 26 सितंबर।

कतरी नदी ने प्रलय ला दिया

गजलीटांड में काम करने वाले पुराने पीढ़ी के लोग आज भी उस भयानक रात को याद कर सिहर जाते हैं जब गर्मियों में लगभग सुखी रहने वाली कतरी नदी मैं अचानक इतना पानी आ गया कि आसपास की तमाम खानें जल प्रलय का शिकार हो गईं। वर्ष 1896 में में शुरू हुई गजलीटांड़ कोयले की खान मैं यूं तो छोटे बड़े हादसे अक्सर होते रहते थे लेकिन 1995 में हुए इस हादसे ने जो सवाल खड़े किए उसके जवाब आज तक हासिल नहीं हो पाए हैं।

- Advertisement -
LD-advertisement

फंसे 64 मजदूर मदद की गुहार लगाते रहे

26 सितंबर 1995 को शाम 4:00 बजे से लेकर 12:00 बजे रात तक की शिफ्ट में 92 कामगारों ने अपनी हाजिरी लगाई थी जिनमें 10 ठेका कर्मचारी थे। रात के 9:00 बजे तक 6 टन कोयला निकाला जा चुका था। करीब 9:15 अचानक बिजली चली गई। बूंदाबांदी तो हो ही रही थी लेकिन 8:00 बजे रात तक धनबाद और खास तौर से झरिया के इलाके में भयानक बारिश हुई थी। बिजलीबिजली नहीं होने की वजह से मैन वाइंडिंग की गई और 28 व्यक्तियों जिनमें 10 ठेका कर्मचारी शामिल थे उन्हें बाहर निकाला गया। बाकी बचे 64 मजदूर रात के 11:00 बजे तक लगातार संकेत भेज रहे थे कि उन्हें बाहर निकाला जाए। यह मजदूर अंगार पथरा के पीट संख्या छह पर जमा हुए ।

- Advertisement -
royal-soler-new

अचानक करोड़ों लीटर पानी खान में घुसा

फोन बंद हो चुके थे अंदर से वाइंडिंग इंजन चलाने के संकेत लगातार दिए जा रहे थे। जमीन के कई मीटर अंदर 64 मजदूरों को पूरी उम्मीद थी कि उन्हें सुरक्षित वापस निकाल लिया जाएगा। वे मदद के इंतजार में थे। इधर कतरी नदी पर निगरानी रखने वाले कार्ड डोमर महतो ने रात के 12:00 बजे आकर खबर दी कि नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। न्यायमूर्ति एनके मुखर्जी कमीशन को दिए गए अपने बयान में दो बार महतो ने यह भी बताया कि उसने नाइट शिफ्ट में आए विलास महतो को बताया कि किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया जाए। जांच आयोग को दिए गए बयान के मुताबिक डोमर महतो ने जिब्राइल मियां के साथ जाकर कतरी नदी का मुआयना किया और देखकर हैरान रह गया कि जलस्तर घट और बढ़ रहा है उसने फौरन सुरक्षा अधिकारियों और प्रबंधकों के बंगले की ओर दौड़ लगाई और खतरे के बारे में आगाह किया। हालांकि जांच आयोग को डोमर महत्व के इस बयान पर पूरी तरह विश्वास नहीं रहा था।

रात के 12:45 कतरी नदी का तटबंध टूट गया

रात के 12:45 पर कतरी नदी का तटबंध टूट गया और सारा पानी अचानक गायब होने लगा। जाहिर सी बात है कि यह पानी कोयले की खदानों में दाखिल हो रहा था। इतना ही नहीं कतरास का राजातालाब टूट गया जिसमें करीब 275 करोड़ लीटर पानी था वह भी कतरी नदी में जाकर मिल गया। इधर गजलीटांड़ खान के अंदर मजदूर अभी भी मदद की उम्मीद लगाए बैठे थे। डोमर महतो ने सेफ्टी मैनेजर और मैनेजर को खतरे के बारे में बताया। सेफ्टी मैनेजर पी एल वर्मा और मैनेजर नागेंद्र सिंह अंगार पथरा के फिट संख्या 7 की ओर दौड़े तो उन्हें पता चला कि अंदर 6 मजदूर अभी भी काम कर रहे हैं हैं उन्हें फौरन किसी तरह से बाहर निकाला गया। इसके बात यह लोग पिट संख्या क्षेत्र के पास पहुंचे लेकिन बिजली नहीं होने की वजह से और बॉयलर के खराब होने के कारण मजदूरों को निकालना मुश्किल लगने लगा। किसी तरह से उन्हें पिट संख्या 4 के पास भेज दिया गया।

कतरी नदी ने बदल लिया रास्ता

इधर कतरी नदी का पानी तेजी से खानों के अंदर घुस रहा था। रात के 1:30 बजे तक कतरी नदी ने अपना रास्ता बदल लिया और गजलीटांड़ के साथ-साथ आसपास के दूसरों खानों में पानी भरने लगा। नीचे फंसे मजदूरों को बचाने के लिए तमाम उपाय बेकार साबित होने लगे मीट संख्या 4 पर जब अधिकारी पहुंचे तब उन्हें अंदर से पानी गिरने की भारी आवाज सुनाई दे रही थी 9 मीटर ऊपर तक पानी भर चुका था।

धनबाद में बारिश का सारा रिकॉर्ड टूटा

धनबाद मैं उस दिन भारी बारिश हुई थी गजल ईरान में बारिश ने अब तक का सारा रिकॉर्ड तोड़ दिया था।26 सितंबर 1995 को 360 मिलीमीटर बारिश हुई थी जो सामान्य से 3 गुना अधिक थी। गजलीटींड, कतरास चेतू डीह, कतरास प्रोजेक्ट सलेमपुर कोयला खानों में 3000 मिलियन गैलन पानी भर चुका था। भूमिगत खाने जलाशय में तब्दील हो चुकी थी। 64 लोगों की मौत ने पूरे कोयलांचल को मातम में डुबो दिया था। खानों से पानी निकालने के लिए उस वक्त भी पर्याप्त साधन बीसीसीएल के पास नहीं थे चीन और यूक्रेन से मदद मांगी गई। कई महीनों तक लगातार मोटर चलाने के बाद पानी बाहर पूरी तरह नहीं निकाला जा सका। कई बार पानी के अंदर ही कोयले की खानों में आग लगने की घटना सामने आई।

जांच के लिए आयोग का गठन

इस दुर्घटना की जांच के लिए सरकार ने न्यायमूर्ति एनके मुखर्जी की अध्यक्षता में आयोग गठित किया। 26 जून 1998 को आयोग ने अपनी रिपोर्ट तो सौंपी लेकिन तब तक सरकार ने जांच बंद करवा दिया था। जस्टिस मुखर्जी ने अपनी रिपोर्ट में साफ तौर से इस दुर्घटना के लिए खान सुरक्षा महानिदेशालय को जिम्मेदार ठहराया। बीसीसीएल के बड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि खनन सुरक्षा महानिदेशालय ने गजलीटांड़ कोयला खान के 4 यूएपी सेक्शन तथा अंगार पथरा कोयला खान के एनपी सेक्शन के बीच कोल बैरियर को मिटाने की अनुमति दे दी थी जिसकी वजह से कतरी नदी का पानी खानों में प्रवेश कर गया। अगर यह कॉल बैरियर नहीं हटाया जाता तो बांध टूटने की वजह से भी खानों में कतरी नदी का पानी प्रवेश नहीं करता। इतना ही नहीं तमाम कायदे कानूनों को ताक में रखते हुए बाढ़ के वक्त पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए। साल दर साल लापरवाही बरती गई। कतरी नदी पर जो बांध बना था वह भी पर्याप्त नहीं था।

बंगले से भाग गए थे अधिकारी

जांच रिपोर्ट में कार्यवाहक महाप्रबंधक को भी जिम्मेदार ठहराया गया हालात को देखते हुए वह रातों-रात बंगले से गायब हो गए थे। करीब 8 महीने के बाद 4 मई 1996 को गजलीटांड़ से पांच कंकाल बरामद किए गए जिनके सिर पर टोपियां लगी हुई थीब जिनसे मजदूरों की पहचान की गई।
25 साल बाद भले ही गजलीटांड़ खान दुर्घटना को लोग भूल जाए लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि एक बार फिर कोयले को निजी हाथों में देने की तैयारी चल रही है कोयले के धंधे में करप्शन अपनी चरम सीमा पर है सुरक्षा मानकों कि अब कोई जांच पड़ताल तक नहीं होती, आउटसोर्सिंग का जमाना है, पुरानी गलतियों से अगर अभी भी सबक नहीं लिया तो हादसे इंतजार में हैं।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्व सरमा को लिखी चिट्ठी, चाय जनजाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम के CM हेमंता बिस्व सरमा को लिखी चिट्ठी, ट्री ट्राइब को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग
Next Article विनय चौबे थे शराब घोटाला के मास्टरमाइंड, घूस में दिये गए 50 करोड़, गिरफ्तार कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया ने किया खुलासा IAS अधिकारी विनय चौबे के खिलाफ छत्तीसगढ़ शराब घोटाला में मामला दर्ज
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

- Advertisement -
Ad imageAd image

Recent Posts

  • पलामू में वन्यजीव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़, 61 गिरफ्तार, भारी मात्रा में खाल व अवशेष बरामद
  • झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक का लोहरदगा दौरा, व्यवहार न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं से किया संवाद
  • बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का T-20 वर्ल्ड कप से बायकॉट, भारत में नहीं खेलने पर अड़ी टीम, ये टीम लेगी जगह
  • जम्मू-कश्मीर के डोडा में आर्मी की गाड़ी गहरी खाई में गिरी, 10 जवान शहीद, दस घायल
  • चाईबासा के सारंडा में भीषण मुठभेड़, एक करोड़ का इनामी नक्सली अनल दा मारा गया, 15 नक्सली ढेर
  • खूंटी में छात्र का अपहरण, 10 किलोमीटर से अधिक दौड़कर अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भागा
  • जसीडीह में बड़ा रेल हादसा टला,नावाडीह फाटक पर ट्रक से टकराई ट्रेन
  • गढ़वा में हेरोइन तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

You Might Also Like

पलामू में वन्यजीव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़, 61 गिरफ्तार, भारी मात्रा में खाल व अवशेष बरामद

पलामू में वन्यजीव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़, 61 गिरफ्तार, भारी मात्रा में खाल व अवशेष बरामद

6 hours ago
झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक का लोहरदगा दौरा, व्यवहार न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं से किया संवाद

झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक का लोहरदगा दौरा, व्यवहार न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं से किया संवाद

7 hours ago
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का टी-20 वर्ल्ड कप से बायकॉट, भारत में नहीं खेलने पर अड़ी टीम, ये टीम लेगी जगह

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का T-20 वर्ल्ड कप से बायकॉट, भारत में नहीं खेलने पर अड़ी टीम, ये टीम लेगी जगह

9 hours ago
An army vehicle fell into a deep gorge in Doda, Jammu and Kashmir, killing 10 soldiers and injuring ten others

जम्मू-कश्मीर के डोडा में आर्मी की गाड़ी गहरी खाई में गिरी, 10 जवान शहीद, दस घायल

10 hours ago
Follow US
© 2024-25 Live Dainik Broadcast Private Limited. All Rights Reserved.
  • About us
  • Advertise with us
  • Privacy Policy
  • Contact us
  • Terms and Condition
  • Disclaimer
adbanner
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?