लोहरदगा : बकरीद पर्व को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक गुरुवार को नगर भवन में उपायुक्त डा. कुमार ताराचंद की अध्यक्षता में हुई। मौके पर उपायुक्त डॉक्टर ताराचंद ने कहा कि शांति और आपसी सौहार्द के साथ बकरीद का त्योहार मनाएं। उन्होंने कहा कि लोहरदगा जिला गंगा जमुनी तहजीब वाला जिला है, लेकिन पर्व त्योहार में असामाजिक तत्वों द्वारा अक्सर अशांति फैलाने का प्रयास रहता है। जिसे जिला प्रशासन और शांति समिति के सदस्य आपसी सूझबूझ से दूर करते आएं हैं। उन्होंने कहा कि पुराने नाम दर्ज अपराधियों व विभिन्न मामलों में हुए कार्रवाई वाले व्यक्तियों पर प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी को विशेष नजर रखनी होगी। इंटरनेट मीडिया पर भी विशेष नजर रखनी है, अगर कोई इंटरनेट मीडिया पर किसी प्रकार का अफवाह फैलाता है तो उस पर विभिन्न धाराओं के अनुसार कार्रवाई भी की जाती है। बैठक में उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, आईटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार, एसडीपीओ वेदांत शंकर, श्रद्धा केरकेट्टा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी अंजना दास, अवर निबंधक सुभाष दत्ता के साथ-साथ सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, कार्यपालक दंडाधिकारी, सभी बीडीओ-सीओ, थाना प्रभारी, शांति समिति के सदस्य, सद्भावना मंच के सदस्य, विभिन्न सामाजिक संगठनों के अध्यक्ष-सचिव, उपाध्यक्ष एवं काफी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित थे।
बकरीद के त्योहार के मूल भावना का रखें ख्याल : उपायुक्त
उपायुक्त ने कहा कि बकरीद कुर्बानी और बलिदानी का त्योहार है। इसकी मूल भावना का ख्याल रखना चाहिए। कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे किसी दूसरे समुदाय के लोगों की आस्था पर दुष्प्रभाव पड़े। हम सभी को समझना चाहिए कि हम बराबर हैं एक-दूसरे के कल्याण के लिए हैं। सर्वे भवंतु सुखिनः की सोच के साथ त्योहार मनाना है। जिला प्रशासन असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रख रही है। जिस प्रकार जंगल में सभी पेड़ सीधे नहीं होते, कुछ पेड़ का ढांचा झुका हुआ या टेढ़ा होता है। ठीक उसी प्रकार समाज में विभिन्न प्रकार के लोग भी रहते हैं। समाज के प्रबुद्ध जनों, शांति समिति की सदस्यों और सद्भावना मंच के सदस्यों से अपील है कि ऐसे लोगों को मुख्य धारा में लाने का प्रयास करें। वह भी समाज का ही हिस्सा हैं। हमारा देश विविधताओं से भरा देश है। यहां विभिन्न संस्कृति और समुदाय के लोग रहते हैं। ऐसे में अगर आप किसी समाज में रहते हैं तो आप अपने समुदाय, संस्कृति, देश को प्रतिनिधित्व करते हैं। यह पर्व सभी का पर्व है, आप इसे आपसी सौहार्द के साथ मिलकर मनाएं। आप सभी खुश रहेंगे तो देश का विकास सही तरीके से होगा। शांति समिति के सदस्य, प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी, सद्भावना मंच यह सभी जिला प्रशासन के आंख-नाक और कान है। उपायुक्त ने कहा कि अगर कोई समाज का माहौल बिगड़ने का प्रयास कर रहे हैं तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारी के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी दें।
इंटरनेट मीडिया पर गलत पोस्ट करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई : एसपी
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने कहा कि पुलिस पदाधिकारी को विशेष रूप से अपने क्षेत्र में निगरानी रखनी है। जिनको भी कुर्बानी देनी है अपने घरों के प्रांगण में ही दें। किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचना चाहिए। इंटरनेट मीडिया पर किसी प्रकार का अफवाह नहीं फैलाएं। गलत पोस्ट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसकी मॉनिटरिंग जिला से लेकर राज्य स्तर पर भी नियमित रूप से की जाती रही है। इसके लिए विशेष दंड के प्रावधान की व्यवस्था है। जब कुर्बानी का समय समाप्त हो जाए तो उस क्षेत्र में अपशिष्ट को डिस्पोज कर दिया जाए। अपशिष्ट इधर-उधर नहीं फेंका जाए। क्विक रिस्पांस टीम और फोर्स की पूरी व्यवस्था है। जगह-जगह पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। इसके साथ सादे लिबास में भी पुलिस के अधिकारी और जवान अपने कार्य को ईमानदारी से करेंगे।















