मधेपुरा: सदर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय कारू टोला साहुगढ़ में मध्याह्न भोजन खाने के बाद 70 से अधिक छात्र-छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई।एक साथ दर्जनों बच्चों को लेकर अभिभावक व स्थानीय लोग जैसे तैसे अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराने पहुंचे अभिभावकों के चेहरे पर हवाईयां उड़ रही थी।
महिलाएं गोद में लिए अपने बच्चों को मूर्छित देख रोती बिलखती नजर आ रही थी। अस्पताल कर्मी भी भागमभाग कर एक-एक बच्चों को बेड उपलब्ध कराकर उपचार कराने में जुटे रहे।एक-एक बेड पर चार-चार बच्चों को सुलाकर इलाज प्रारंभ किया गया। लगभग दो घंटे बाद स्थिति सामान्य हुई। इस बीच एक छात्रा की तबीयत अधिक बिगड़ने के कारण उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया।होश में आने पर बच्चों ने बताया कि खिचड़ी वाले बर्तन में मरी हुई छिपकली गिरी हुई थ भोजन करने के कुछ ही देर बाद हमलोगों को उल्टी, पेट दर्द एवं घबराहट होने लगी।
विद्यालय में सभी को जबरदस्ती खिलाया जा रहा था खिचड़ी
विद्यालय में मध्याह्न भोजन पारस एग्रो स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। छिपकली वाला मध्याह्न भोजन खाने के बाद जैसे ही छात्र-छात्राओं की हालत बिगड़ने की जानकारी विद्यालय प्रशासन को मिली तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग को दी।इसके बाद एंबुलेंस एवं निजी वाहनों की मदद से सभी छात्र-छात्राओं को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सदर अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने छात्र-छात्राओं का प्राथमिक उपचार शुरू किया।सदर अस्पताल में इलाजरत चौथी कक्षा के छात्र गोपाल कुमार ने बताया कि विद्यालय में सभी को जबरदस्ती खिचड़ी खिलाया जा रहा था। जब वे लोग खिचड़ी नहीं खाते थे, तो संदीप सर उन्हें छड़ी से मारते थे।



