लखनऊ– उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। लोकभवन में बुलाई गई बैठक में राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए। लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद बुलाई गई ये बैठक काफी अहम मानी जा रही थी।
कैबिनेट की इस बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास कार्यो में तेजी लाने का निर्देश दिया। लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद बुलाई गई ये बैठक काफी अहम थी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के इस मीटिंग में नहीं आने के कई सियासी मायने निकाले जा रहे है। बताया तो ये जा रहा है कि दोनों उपमुख्यमंत्री अभी दिल्ली में है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण समारोह के बाद दोनों वापस लौटेंगे। शुक्रवार को हुए एनडीए की बैठक में मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस बैठक के बाद वापस आ गए लेकिन दोनों उपमुख्यमंत्री दिल्ली में ही रूक गए।
लोकसभा चुनाव में यूपी में बीजेपी का प्रदर्शन पिछले दो चुनावों के मुकाबले खराब रहा है। इस चुनाव में बीजेपी महज 33 सीट ही जीत पाई, जबकि समाजवादी पार्टी ने 37 और कांग्रेस ने 6 सीटों पर इस चुनाव में कब्जा किया। इसका असर ये हुआ कि बीजेपी को अपने दम पर पूर्ण बहुमत नहीं आ सका। यूपी के खराब चुनाव नतीजों को ठिकारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर फोड़ा जा रहा है और इसे पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी का हिस्सा माना जा रहा है। अब जब मुख्यमंत्री ने शनिवार को बैठक बुलाई और दोनों उपमुख्यमंत्री उसमें गैरहाजिर रहे, इसको लेकर भी कई राजनीतिक कयास लगाये जा रहे है।




