रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी गांडेय विधायक कल्पना सोरेन राज्य सरकार में मंत्री दिवंगत सुदिव्य सोनू के अंतिम संस्कार में शामिल होने गिरिडीह पहुंचे है। राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री राधा कृष्णकिशोर और कल्पना सोरेन ने गिरिडीह पहुंचकर दिवंगत मंत्री के पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। सुदिव्य सोनू का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।


गिरिडीहः राज्यपाल संतोष गंगवार ने दिवंगत मंत्री सुदिव्य सोनू को दी श्रद्धांजलि@santoshgangwar @kumarsudivya @JmmJharkhand #SudivyaKumarSonu #Giridih #JharkhandNews #Jharkhand #GiridihNews #JharkhandPolitics #sudivyakumarsonu pic.twitter.com/S2vu058WSe
— Live Dainik (@Live_Dainik) September 6, 2026

सुदिव्य सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित नेता और राज्य सरकार में मंत्री थे। हेमंत सोरेन के बेहद खास और संकटमोचक माने जाने वाले सुदिव्य सोनू का निधन रविवार अहले सुबह कार्डियक अरेस्ट आने की वजह से हो सका। चाहे कल्पना सोरेन का पॉलिटिकल लॉंचिंग हो गया फिर हेमंत सोरेन की सरकार और पार्टी में आया कोई संकट, सुदिव्य सोनू एक संकटमोचक के रूप में हमेशा नजर आये। 1989 में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अगुवाई में उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा से अपने राजनीति जीवन की शुरूआत की थी। मंडल अध्यक्ष से लेकर मंत्री तक का उन्होंने राजनीतिक सफर तय किया।
सुदिव्य सोनू का राजनीतिक जीवन
1989 में झारखंड मुक्ति मोर्चा से राजनीति की शुरुआत ।
दिशोम गुरू शिबू सोरेन के साथ झारखंड आंदोलन में शामिल रहे, उनपर एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हुए ।
1990 में नगर अध्यक्ष बने
2003 में जिला अध्यक्ष
2006 में गिरिडीह जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष बने
2009 में गिरिडीह विधानसभा का पहला चुनाव लडे
2014 में गिरिडीह विधानसभा का दुबारा चुनाव लडे
2019 में पहली बार गिरिडीह का विधायक बने
2024 में दूसरी बार गिरिडीह का विधायक बने, फिर झारखंड सरकार में नगर विकास, आवास, पर्यटन, युवा कार्य एवं कला संस्कृति , तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री मंत्री बने ।
झारखंड को पर्यटन के क्षेत्र में देश के मानचित्र पर स्थापित करने का उनका सपना था । झारखंड को माइनिंग टूरिज्म बनाने का उनका लक्ष्य था।
गिरिडीह में यूनिवर्सिटी, मेडिकल कॉलेज, इंजिनियरिंग कॉलेज, नये रूप में महिला महाविद्यालय, चिड़ियाघर, बायोडायवर्सिटी पार्क, लाइब्रेरी, जेसी बोस सीएम एक्सीलेंस स्कूल, पचम्बा सीएम एक्सीलेंस स्कूल, सीएम एक्सीलेंस स्कूल कस्तूरबा गांधी बालिका गिरिडीह, 50 हजार लीटर प्रतिदिन का मेधा डेयरी परियोजना, फोरलेन निर्माण , बायपास सड़क की स्वीकृति, पीरटांड़ में मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना, झारखंड का गिरिडीह पहला सोलर सिटी बना , उसरी नदी के किनारे शास्त्री नगर से अरगाघाट तक मेरिन ड्राइव, खंडोली और वाटर फाल का सौन्दर्यीकरण सहित कई जनहित की योजनाओं को धरातल पर उनके द्वारा उतारा गया। जिसे गिरिडीह और झारखंड की जनता कभी नहीं भूलेगी।




