पटनाः गैंगस्टर चंदन मिश्रा की पारस अस्पताल में जिस तरह से घुसकर हत्या की गई थी उसकी चर्चा अब भी बनी हुई है। इस हत्याकांड में गिरफ्तार तौसीफ बादशाह ने कई चौकाने वाले खुलासे किये है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चंदन मिश्रा को शूटर्स ने 28 गोलियां मारी थीं। पश्चिम बंगाल के पुरूलिया जेल में बंद शेरू सिंह ने हत्या की सुपारी दी थी। इस मामले में निशु खान ने शेरू सिंह से डील की थी और हत्या के बाद हर शूटर को पांच-पांच लाख रुपया दिया जाना था।
पटना में भौकाल बनाना था, इसलिए चेहरे पर… चंदन मिश्रा हत्याकांड में खुला तौसीफ का राज
तौसीफ जुएं में 20 लाख रुपये की रकम हार गया था उसके बाद से वो आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था। निशु खान की भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी इसलिए चंदन मिश्रा के हत्या की सुपारी ली गई थी। हत्या के लिए 10 हथियार बक्सर से मुहैया कराया गया था। चोरी के दो बाइक का इस्तेमाल हुआ था जिसमें से एक बाइक बरामद कर लिया गया है। हत्याकांड में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन और एक सिम काडर््स भी बरामद किया जा चुका है।
तौसीफ ने पूछताछ में बताया कि हत्या के लिए अस्पताल के कमरे में घुसने का वीडियो वायरल होने के बाद उसने अपना लुक बदल लिया था। उसने हेयरकट कराने के साथ ही दाढ़ी को भी क्लीन करवा लिया था। लुक बदलने के पीछे मंशा ये थी कि उसे कोई पहचान नहीं सके। हत्या के बाद तौसीफ फुलवारी होते हुए गया, रांची और फिर कोलकाता भागा। तौसीफ के मुताबिक, कोलकाता में गेस्ट हाउस नीशू खान ने बुक करवाया था। जहां उसका परिचित काम करता था। तौसीफ ने नीशू को भी साथ इसलिए भगाया ताकि सबसे पहले पुलिस उसी को न पकड़ ले।
चंदन मिश्रा हत्याकांड में अब पुलिस का एनकाउंटर, तौसीफ को गन देने वाले बलवंत समेत 2 को लगी गोली
पुलिस की पूछताछ- सवाल और तौसीफ के जवाब
हत्या का मकसद?
शेरू और चंदन के बीच गैंगवार का नतीजा।
सुपारी की रकम?
5-5 लाख रुपये प्रति शूटर।
कैसे जुटे?
चार शूटर बक्सर से, तौसीफ फुलवारी से। सभी नीशू के घर पर जमा हुए।
हथियार कहां मिला?
नीशू के घर पर।
शेरू से कभी मुलाकात हुई?
नहीं, कभी नहीं।
बलवंत से संपर्क?
जेल में मुलाकात हुई थी।
गोलियां चलाने के बाद कहां गए?
फुलवारी और फिर परिजन के साथ गया।
बाकी शूटर कहां गए?
बलवंत, रविरंजन, मोनू और नीलेश दानापुर होते हुए बक्सर भागे।
घटना के CCTV फुटेज ने खोला राज
CCTV फुटेज में सबसे आगे तौसीफ, तीसरे नंबर पर बलवंत और सबसे पीछे रविरंजन दिखा। बाहर हेलमेट पहने जो दिखा वो अभिषेक था। जिसने बाहर लाइनर की भूमिका निभाई। बलवंत ने चंदन मिश्रा के करीबियों से भी संपर्क किया ताकि उसकी गतिविधियों की जानकारी मिल सके।
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हत्याकांड में शामिल 7 मुख्य आरोपी
तौसीफ उर्फ बादशाह
मुख्य शूटर और लीडर। सबसे पहले चंदन के कमरे में घुसा, सबसे बाद में निकला। कोलकाता से गिरफ्तार।
बलवंत
हथियार सप्लायर, तीसरे नंबर पर था। तौसीफ को सुपारी दी। बिहिया में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार।
रविरंजन
सबसे पीछे था, सबसे पहले भागा। बिहिया मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार।
नीशू खान
उसके घर पर साजिश रची गई। कोलकाता से गिरफ्तार।
हर्ष
नीशू का केयरटेकर, फरारियों की मदद की। कोलकाता से गिरफ्तार।
भीम
नीशू का मेडिकल स्टाफ, तौसीफ को कोलकाता ले गया। वहीं से पकड़ा गया।
अभिषेक
अस्पताल के बाहर लाइनर की भूमिका में था। हेलमेट पहने दिखा। बिहिया से गिरफ्तार।
आरा से तीन और गिरफ्तार, दो घायल
एसटीएफ और पटना पुलिस ने आरा से तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो को गोली लगी है और वे फिलहाल PMCH में इलाजरत हैं। इलाज के बाद इनसे भी पूछताछ की जाएगी। अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला गैंगवार और सुपारी किलिंग का प्रतीत होता है। रिमांड पर चल रही पूछताछ से आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।




