रांचीः पूर्व महिला हॉकी कप्तान और हॉकी इंडिया की कार्यकारी बोर्ड सदस्य असुंता लकड़ा के आरोपों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। असुंता लकड़ा ने धमकी, उत्पीड़न और महिला खिलाड़ियों से जुड़े गंभीर आरोप लगाये थे। खेल मंत्रालय ने हॉकी इंडिया को पत्र भेज कर मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है। साथ ही उसकी रिपोर्ट मंत्रालय के साथ साझा करने का निर्देश दिया है।
मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा है कि 10 जुलाई को असुंता लकड़ा ने ईमेल से यौन उत्पीड़न, संस्थागत स्तर पर धमकी और महिला खिलाड़ियों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। मंत्रालय ने हॉकी इंडिया से कहा है कि इन आरोपों को महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न पॉश अधिनियम, 2013 के तहत गठित आंतरिक शिकातय समिति के समक्ष रखा जाये। जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी जाये। हालांकि जांच पूरी करने की कोई समय-सीमा तय नहीं की गयी है। असुंता लकड़ा ने अपने पत्र में हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर उन्हें धमकाने का आरोप भी लगाया है। साथ ही उन्होंने महिला खिलाड़ियों के साथ दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के आरोपों को दबाने का भी आरोप लगाया था। असुंता से रांची के एकलव्य हॉकी अकादमी में महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न के आरोपी कोच सुधीर गोला के खिलाफ आवाज उठायी थी। जिसके बाद गोला को बर्खास्त कर दिया गया था।
भोलानाथ पर लगाया आरोप
आपको बता दें कि असुंथा 2006 और 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में टीम का हिस्सा रही थीं। वह झारखंड हॉकी फेडरेशन का भी हिस्सा रही हैं।हाल ही में उन्होंने रांची में एकलव्य हॉकी अकेडमी में महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न के आरोपी कोच सुधीर गोला के खिलाफ आवाज उठाई थी। गोला को पद से हटा दिया गया था।इसी के बाद भोलानाथ ने उन्हें फोन किया और धमकी दी। असुंथा के मुताबिक भोलनाथ ने कहा,असुंथा ने अपील की है कि यौन शोषण के मामलों को लेकर सवाल उठाने वालों को सुरक्षा दी जाए। ताकी कोई और ऐसा करने में डरे नहीं। इस पूरे मामले में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की का भी बयान सामने आया था। उन्होंने असुंथा को भारतीय हॉकी की धरोहर बताया और कहा कि वह दोनों पक्षों से बात करके मामले को सुलझाने की कोशिश करेंगे।


