डेस्कः रांची की बिटिया ने एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर नाम रोशन किया है। शहर के आक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की छात्रा भव्या रंजन ने कला संकाय में 99.8 प्रतिशत अंक लाकर टॉपर बनने का तमगा हासिल किया है। उनकी सफलता पर पूरे स्कूल में हर्ष का माहौल है।विशेषकर पिता राजीव रंजन और माता बिक्की गांधी अपनी बिटिया की सफलता पर बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि आज बिटिया ने हमलोगों का सपना साकार किया है, अब भव्या का लक्ष्य सिविल सर्विसेज की तैयारी करने का है।

शिक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान
कसमार प्रखंड के पाड़ी निवासी लक्ष्मीकांत महतो की पुत्री और गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो की भतीजी भव्या रंजन की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी लक्ष्य हासिल करना असंभव नहीं है। भव्या की इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद से ही उनके पैतृक आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।भव्या रंजन के माता पिता ने कहा कि 12वीं की तरह यूपीएससी की परीक्षा में भी बिटिया सफलता का परचम लहराएंगी। विशेष बातचीत के क्रम में भव्या ने बताया कि 12वीं की तैयारी करने में स्कूल के शिक्षकों का भरपूर सहयोग मिला।भव्या के माता पिता ने बताया कि स्कूल और घर में प्रतिदिन 10 से 12 घंटे की पढ़ाई करती रही, यह रूटीन आज भी जारी है।

टारगेट 100 ग्रुप का मिला लाभ
भव्या ने बताया कि एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. सिमी मेहता के निर्देशन में शुरू किए गए टारगेट 100 ग्रुप का बहुत लाभ मिला। इस ग्रुप में किसी भी विषय में 100 अंक पाने वाले छात्र छात्राओं को शामिल किया गया है, जिसका उद्देश्य टापर बनना ही है।ग्रुप में प्रतिदिन 100 प्रश्न दिए जाते हैं जिसका उत्तर देना होता है, यदि किसी को सवाल का जवाब नहीं आता है तो आन स्पाट शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलता है। भव्या ने कहा कि इस ग्रुप में मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया और तैयारी आसान हो गई।

बिटिया की पढ़ाई के लिए छोड़ी नौकरी
भव्या की मां विकी गांधी ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में शिक्षिका हैं, जबकि उनके पिता राजीव रंजन व्यवसायी हैं। बेटी की सफलता पर दोनों बेहद भावुक नजर आए। मां ने बताया कि भव्या शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही है। क्लास वन से लेकर 12वीं तक उसने लगातार टॉप किया। हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि बेटी अच्छे अंक लाएगी, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर टॉपर बनने की उम्मीद नहीं थी।भव्या के पिता राजीव रंजन ने कहा कि बिटिया की पढ़ाई के लिए उन्होंने जिंदल जैसी कंपनी की नौकरी छोड़ दी।


