डेस्कः ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे (UK PM Keir Starmer Resign) को लेकर जारी अटकलों पर विराम लग चुका है। सोमवार (22 जून) को स्टार्मर ने प्रधानमंत्री पद छोड़ने का ऐलान कर दिया है। स्टार्मर ने कहा, ‘मेरा हर फैसला देश की भलाई के लिए था,जिसे मैं बहुत प्यार करता हूं और इसी वजह से मैं अपने पद से हट रहा हूं।’ हालांकि,अगला प्रधानमंत्री चुने जाने तक वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने रहेंगे।
स्टार्मर पिछले 10 साल में कार्यकाल पूरा होने से पहले पद छोड़ने वाले छठे PM हैं। इससे पहले डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए थे। लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव के बीच पहले ही इसके कयास लगाए जा रहे थे कि कि वह सोमवार को पद से हटने का ऐलान कर देंगे, जिससे पार्टी लीडरशिप में होने वाले बदलाव का रास्ता खुल सके। स्टार्मर ने महज दो साल पहले लेबर पार्टी को बंपर चुनावी जीत दिलाई थी। पार्टी को 174 सीटों के साथ बहुमत मिला। उस समय इसे लेबर के लिए एक निर्णायक राजनीतिक वापसी माना गया था, बावजूद इसके, उनका कार्यकाल कई विवादों और नीतिगत बदलावों के कारण लगातार दबाव में रहा।
लीडरशिप पर खड़े हुए थे सवाल
कई नीतिगत यू-टर्न्स और विवादों का सामना उनकी सरकार को करना पड़ा। बुजुर्गों के लिए विंटर फ्यूल भुगतान से जुड़े फैसले और वॉशिंगटन में पीटर मैंडेलसन को ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने का फैसला सबसे ज्यादा विवाद का सबब बना। इन घटनाओं ने उनकी लीडरशिप क्षमता पर सवाल खड़े किए और पार्टी के भीतर असंतोष को बढ़ाया। हाल के जनमत सर्वेक्षणों में लेबर पार्टी की स्थिति कमजोर हुई है, जबकि प्रधानमंत्री स्टार्मर की व्यक्तिगत लोकप्रियता भी गिरी।
पार्टी सांसदों ने की थी लीडरशिप में बदलाव की मांग
पार्टी के कई सांसदों ने कहा था कि अगर नेतृत्व में बदलाव नहीं किया गया तो आने वाले चुनावों में लेबर को भारी नुकसान हो सकता है और ‘रिफॉर्म यूके’ के नेता नाइजल फैराज के सत्ता में आने की संभावना बढ़ सकती है। इसी वजह से पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हुई।
कौन होगा UK का नया पीएम? (Who Becomes New UK PM)
कीर स्टार्मर के इस्तीफे बाद ब्रिटेन के नए पीएम की रेस में लेबर पार्टी के सबसे आगे एंडी बर्नहम नजर आ रहे हैं। उन्होंने इसी सप्ताह इसी सप्ताह उत्तर इंग्लैंड की मेकरफील्ड सीट के प्रतिष्ठापूर्ण उपचुनाव में जीत हासिल की है। अन्य नेताओं की तुलना में उनका दावा मजबूत दिखाई दे रहा है। पार्टी नियमों के अनुसार, किसी भी नेतृत्व चुनौती के लिए कम से कम 20 प्रतिशत सांसदों का समर्थन जरूरी है, यानी लगभग 81 सांसदों की सहमति जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री रहे वेस स्ट्रीटिंग ने भी नेतृत्व की दौड़ में शामिल होने की इच्छा जताई है, लेकिन उनके समर्थन को लेकर संशय बना हुआ है, क्योंकि कई सांसद संभावित विजेता के पक्ष में झुकते दिख रहे हैं।







