झारखंड के धनबाद में ग्रामीणों और पुलिवालों के बीच जमकर बवाल हुआ। बालियापुर के आसानबनी में सेल की जमीन पर कब्जा दिलाने के दौरान जमकर बवाल हुआ। शुक्रवार को पुलिस और ग्रामीणों के बीच कई बार झड़प हुई। इस दौरान लाठीचार्ज भी किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि लाठी चलाने वाले सिविल ड्रेस में थे।
दो घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिसबल की मौजूदगी में प्रशासन ने 41.11 एकड़ जमीन पर सेल प्रबंधन को कब्जा दिलाया। जमीन पर कब्जा दिलाने के साथ ही अधिकारियों ने उस पर लाल और सफेद झंडे गाड़ दिए। इस मामले पर स्थानीय विधायक ने नाराजगी जताई है।
सेल प्रबंधन को जमीन पर कब्जा दिलाने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान लाठी, फरसा आदि पारंपरिक हथियारों से लैस दो परिवार के करीब एक दर्जन लोग जमीन को अपनी बता कर घंटों विरोध जताते रहे।
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प्रशासिनक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन लोगों ने किसी की नहीं सुनी। इस दौरान सेल कर्मियों, केटीएमपीएल के कर्मियों व पुलिस अधिकारियों से महिलाएं उलझ पड़ीं। दोनों पक्षों में दो राउंड झड़प हुई। इसमें शिवलाल मरांडी और कमल मरांडी नामक दो ग्रामीण घायल हो गए।
इस मामले की जानकारी देते हुए बलियापुर के सीओ प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि आसनबनी मौजा में अधिगृहीत की गई 41.11 एकड़ जमीन का सीमांकन कर सेल प्रबंधन को सौंप दिया गया। 41.11 में 15 एकड़ जमीन पर कब्जा इससे पूर्व प्रथम चरण में ही कर लिया गया है। किसी भी प्रभावित रैयत के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।
सिंदरी से विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि आसनबनी में जमीन सीमांकन के दौरान प्रशासन, सिविल ड्रेस में मौजूद लोग और पुलिस द्वारा ग्रामीणों और महिलाओं के साथ किया गया बर्बर व्यवहार निंदनीय है। प्रशासन को मानवता के साथ विरोध कर रहे ग्रामीणों की बातें सुननी चाहिए।
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