झारखंड CID का खुलासा, धनबाद सहित इन शहरों में सहारा ने बिना बताए बेच दी सैकड़ों जमीनें

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July 12, 2025

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झारखंड सीआईडी की जांच में सहारा समूह के द्वारा अपनी अचल संपत्तियों को औने-पौने भाव में फर्जी कंपनियों के माध्यम से फर्जी व्यक्तियों को अधिकृत कर बेचे जाने का मामला सामने आया है। सीआईडी ने पाया है कि बोकारो, धनबाद, बेगूसराय और पटना की सैकड़ों एकड़ अचल संपत्तियों को सेबी के द्वारा आंके गए मूल्य से काफी कम कीमत में बेची गई। इनसे अर्जित राशि भी सेबी में जमा नहीं कराई गई।

जमीन के मूल्य का आकलन सेबी ने साल 2013 में किया था, उस जमीन को उस दर से भी काफी कम कीमत पर 2022 में बेचा गया। आकलन है कि 2013 से 2022 के बीच इन जमीनों की कीमत दो से तीन गुनी बढ़ गई, बावजूद इसके इसे काफी कम दर में बेचा गया।

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सीआईडी के इंस्पेक्टर नवल किशोर सिंह ने जांच के बाद इस मामले में सहारा इंडिया के निदेशकों स्वप्ना रॉय, जयब्रतो रॉय, सुशांतो राय, सीमांतो रॉय, सहारा कॉमर्शियल कॉरपोरेशन के निदेशक ओपी श्रीवास्तव, संजीव कुमार, नीरज कुमार पाल, जीतेंद्र कुमार वरसयाने, श्याम वीर सिंह, अलख सिंह, पवन कुमार, तापस राय समेत अन्य कंपनी के निदेशकों, भागीदारों और अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा डीजीपी अनुराग गुप्ता से की है।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भी सहारा समूह द्वारा झारखंड के निवेशकों को ठगे जाने और उनको भुगतान नहीं मिलने का मामला उठाया था। इसकी जानकारी बिहार के प्रतिनिधियों को भी दी गई है।

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बता दें कि जमीन बेचे जाने के मामले में झारखंड सीआईडी की पूछताछ में सहारा के अधिकारी शैलेंद्र शुक्ला ने खुलासा किया कि सहारा मुख्यालय के निर्देश पर रांची और बोकारो जोन से कोलकाता, गुवाहाटी, पटना, वाराणसी, लखनऊ, दिल्ली आदि जोन में पैसे ट्रांसफर किए जाते थे।

फंड के लेन-देन का आदेश तत्कालीन मंडल, टेरटरी प्रमुख नीरज कुमार पाल और मुख्यलय एग्जीक्यूटिव वर्कर एसबी सिंह या उनके कार्यालय के द्वारा दिया जाता था। सीआईडी की अबतक की जांच में यह बात सामने आयी है कि सहारा समूह ने अपने कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से फर्जी व्यक्तियों को अधिकृत किया था। जमीन बेचने के बाद पैसे न सेबी में जमा कराए गए न ही इसे निवेशकों को लौटाया गया। बल्कि उक्त पैसे को मनमाने ढंग से अपने निजी कार्यों में खर्च किया गया।

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झारखंड के बोकारो की जमीन का जिक्र सेबी के मास्टर लिस्ट में क्रम संख्या-29 में है। बोकारो की 68.14 एकड़ जमीन का वैल्यूएशन सेबी के वैल्यूअर श्याम अग्रवाल ने 5 नवंबर 2013 को 61.33 करोड़ लगाया था। चास अंचल कार्यालय से सत्यापन के बाद भी इस जमीन को सहारा इंडिया का बताया गया। इसके अलावा धनबाद के गोविंदपुर अंचल के रेगुनी मौजा में भी सहारा इंडिया की जमीन होने की बात प्रकाश में आई है।

सीआईडी ने जांच में पाया है कि सहारा इंडिया की जमीन पर असर्फी अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। सीआईडी ने इस संबंध में गोविंदपुर अंचल के अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी बाघमारा को सहारा इंडिया समूह से जुड़ी कंपनियों का ब्यौरा प्राप्त करने के लिए पत्राचार किया है।

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