- Advertisement -
WEB BANNER_LEADERBOARD BANNER.jpgWEB BANNER_LEADERBOARD BANNER.jpg

भाजपा खरीद रही विधायक पर मजदूरों के लिए पैसे नहीं; CM हिमंता की बात पर हेमंत सोरेन का पलटवार

Himanta and hemant soren

झारखंड में असम के सीएम हिमंता विश्व सरमा के बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। एक दिन पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था कि कांग्रेस और झामुमो के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। सीएम हिमंता के इस बयान पर अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पलटवार किया है। सीएम सोरेन ने कहा है कि जबसे उनकी सरकार बनी, भाजपा ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। साजिश के तहत जेल में डाला।

इनके केंद्रीय ग्रामीण मंत्री यहां आते हैं। पूछिये इनसे, राज्य में मनरेगा में सबसे कम मजदूरी क्यूं मिलती है। इनके पास विधायक-सांसद खरीदने के पैसे हैं, पर मनरेगा मजदूरों को देने के लिए नहीं। सीएम ने मंगलवार को उक्त बातें चांडिल में आयोजित आपकी योजना, आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए कही।

जब्त की गई शराब पर चलने जा रहा था बुलडोजर, भीड़ ने लूट लीं बोतलें; VIDEO

सीएम सोरेन ने कहा कि पूर्व की डबल इंजन सरकार में लोग भूखे मरने को मजबूर थे। दूसरी ओर उनकी सरकार ने दीदी-बहनों की मदद से कोरोना काल में भी लोगों भूख से मरने नहीं दिया। वह राज्यभर में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान यही देखने निकले हैं कि लोगों को योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं।

सीएम सोरेन ने फिर कहा कि कोरोना में दवा कंपनियों से चंदा लेने के लिए भाजपा ने पूरे देश के लोगों को गलत वैक्सीन लगवा दी। पूरी दुनिया ने उस दवा को बैन कर दिया। लोगों की अब मौत हो रही है। पूर्व सांसद सुनील महतो की बेटी का भी निधन हो गया। पता नहीं उसपर इसी का असर हुआ हो। मैंने भी यही वैक्सीन ली है। पता नहीं कब, क्या हो जाए। सत्ता के लिए ये लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं।

झारखंड के रांची में चार लड़कों की लाश मिलने से सनसनी, जली थी दो की गंजी

सीएम सोरेन ने कहा कि समय-समय पर इस देश की गरीब जनता, किसानों ने ऐसे सामंती विचार वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। कहा कि हम लोग हक मांगते हैं, तो हमें जेल में डाल दिया जाता है। एक लाख 36 हजार करोड़ का बकाया केंद्र ने अपने पास रखा है। यह हमें नहीं मिलता, मगर दूसरे राज्यों को मिल जाता है। ऐसे ही आवास के लिए हम दिल्ली में आवाज उठाते रह गए, नहीं मिला तब हमने अबुआ आवास शुरू किया। अब चुनाव आया तो शायद 3-4 साल पुराने आवास के लिए केंद्र पैसा देना चाह रहा है। कहते हैं एक लाख को आवास देंगे। इन्हें नहीं पता यहां 20 लाख को आवास देना है।

झारखंड में फिर से सिपाही भर्ती दौड़ शुरू होते ही आठ अभ्यर्थी बेहोश, एक की किडनी हुई खराब

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
- Advertisement -
WEB BANNER_MEDIUM BANNER.jpgWEB BANNER_MEDIUM BANNER.jpg