रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित CGL परीक्षा 2024 में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने इस घोटाले का पर्दाफाश करते हुए एक संगठित गिरोह के सरगना सहित कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
कैसे हुआ खुलासा?
21 और 22 सितंबर 2024 को झारखंड के विभिन्न जिलों में JSSC CGL परीक्षा तीन पालियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान ही कई अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध होने की सूचना मिली, जिससे परीक्षा की शुचिता पर सवाल उठने लगे। जब इस मामले की जांच हुई, तो पता चला कि एक संगठित गिरोह परीक्षा से पहले ही अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराकर पैसे ऐंठ रहा था।
JSC CGL में आठ कांस्टेबल गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने इस गिरोह के सरगना की पहचान रतनगढ़ निवासी रतन निवास राय के रूप में की। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्य भी विभिन्न स्थानों से जुड़े पाए गए, जिनमें रेलवे, सेना और निजी संगठनों में कार्यरत लोग भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए सदस्यों की सूची इस प्रकार है:
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कुंदन कुमार उर्फ मंदु (बिहार) – रेलवे में पदस्थापित
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रवि कुमार (झारखंड) – रेलवे सुरक्षा बल का जवान
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अविनाश कुमार (कोडरमा) – रेलवे में प्रतिनियुक्त
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गौरव कुमार (नवादा) – रेलवे कर्मचारी
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किशलय कुमार (नवादा) – रेलवे सुरक्षा बल में कार्यरत
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रतन निवास राय (बिहार) – असम राइफल्स का जवान
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विनायक कुमार राय (बिहार) – रेलवे कर्मचारी
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विनय कुमार राय (बिहार) – रेलवे में तैनात
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
CID ने इस गिरोह के सरगना सहित 24 मार्च 2025 को कई सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इस तरह की गतिविधियां अन्य परीक्षाओं में भी हो रही थीं।
बाबूलाल मरांडी का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि आठ पुलिस कॉस्टेबल की गिरफ्तारी से पेपर लीक के आरोपों में दम नजर आता है ।
विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि झारखंड सीआईडी ने जेएसएससी सीजीएल मामले में गोड्डा और गिरिडीह जिले से करीब आठ कांस्टेबलों को गिरफ्तार किया है।
यदि यह सच है, तो यह स्पष्ट हो चुका है कि जेएसएससी सीजीएल में गड़बड़ी हुई है। साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि इस बड़े फर्जीवाड़े में…
— Babulal Marandi (@yourBabulal) March 25, 2025
क्या होगा आगे?
झारखंड सरकार और जांच एजेंसियां इस मामले को लेकर सतर्क हैं। संभावना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस मामले ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार और JSSC इस परीक्षा घोटाले से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए क्या कदम उठाते हैं।