पटनाः कारोबारी खेमका की हत्या मामले में पुलिस पूरे एक्शन में है। सोमवार देर रात हथियार की सप्लाई करने वाले को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर किया। इससे पहले शूटर उमेश यादव को गिरफ्तार किया था और अब हत्याकांड के मास्टरमाइंड अशोक साव को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद अब इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझने और हत्या के मकसद के उजागर होने की संभावना बढ़ गई है।
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सूत्रों के अनुसार, पुलिस को अशोक साव पर हत्या का शक पहले से था। उसे पुख्ता सबूत और लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि अशोक साव ने ही इस हत्या की साजिश रची थी और इसे अंजाम देने के लिए कॉन्ट्रेक्ट किलर उमेश यादव को 10 लाख रुपये में सुपारी दी थी और एक लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया था। पुलिस की गिरफ्त में आ चुके उमेश यादव के पास से पुलिस ने हत्याकांड में इस्तेमाल बाइक, पिस्टल, 80 कारतूस, दो मोबाइल फोन और ₹1 लाख कैश बरामद किया।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या की साजिश के तहत उमेश यादव को हथियार मुहैया कराने का काम आरोपी विकास उर्फ राजा ने किया था, जिसे पुलिस ने मंगलवार सुबह मुठभेड़ में ढेर कर दिया।
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व्यापारिक रंजिश!
हत्या के बाद उमेश यादव सीधे अशोक साव के फ्लैट पर रुका था, जिससे इस पूरे षड्यंत्र की कड़ियां और मजबूत होती हैं।पुलिस को संदेह है कि इस हत्या के पीछे गहरी व्यावसायिक रंजिश भी थी, जिसे लेकर अशोक साव ने खेमका को रास्ते से हटाने की योजना बनाई अशोक साव को अरेस्ट करने से पहले तक इस मर्डर केस में पुलिस पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल पुलिस की टीम मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है और जल्द ही इस पूरे षड्यंत्र का आधिकारिक खुलासा आज शाम होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया जाएगा।




