रांचीः गैस कंपनियां और जिला प्रशासन एलपीजी सिलेंडर के सुचारू रूप से संचालन को लेकर चाहे कितना भी दावे करें लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री रसोई गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग को लेकर काफी सख्त अभियान चला रहे है लेकिन इसी बीच कुछ गैस एजेंसियां उनके आदेश को ढेंगा दिखाते नजर आ रही है। जब लाइव दैनिक की टीम शहर के प्रमुख गैस एजेंसी अशोक नगर स्थित आनंद गैस सर्विस पहुंची तो वहां उपभोक्ताओं को हो रही समस्याओं सामना हुआ। पिछले 15 दिनों के अंदर दो बार टीम वहां पहुंची तो पता चला कि कैसे आनंद गैस सर्विस अपनी मनमानी कर रही है। उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके घरों पर गैस की डिलीवरी हुए बिना उनके पास डिलीवरी होने के मैसेज आ रहे है और दुबारा गैस बुक नहीं हो रहा है। रोजाना ऐसे दर्जनों मामले आ रहे है और उपभोक्ता एजेंसी के चक्कर लगा रहे है। कई ऐसे भी मामले आये जहां बुकिंग के एक महीने बाद भी सिलेंडर घर तक नहीं पहुंचा है।
रांची उपायुक्त का आदेश है कि घरों पर गैस की डिलीवरी करनी होगी लेकिन उनके आदेश को ताख पर रखते हुए आनंद गैस सर्विस के वेंडर एलपीजी दे रहे है इसकी शिकायतें लोगों ने की। खासतौर पर छोटू नाम के वेंडर को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें मिली कि वो अपनी मनमानी चलाता है, किसी क्षेत्र में ही सिर्फ वो डिलीवरी करने बस जाता है। कई लोगों ने बताया कि उनके पास गैस सिलेंडर नहीं पहुंचा लेकिन मैसेज डिलीवरी का आ गया है अब वो आनंद गैस एजेंसी के कई दिनों से चक्कर लगा रहे है।
आनंद गैस सर्विस को लेकर बस इतनी ही शिकायत नहीं है। कई ग्राहकों ने बताया कि उपायुक्त का आदेश है कि सिर्फ फोन के माध्यम से ही बुकिंग होगी लेकिन उनके फोन से बुकिंग नहीं हो रही है। पिछले 15 दिनों से चक्कर लगा रहे है पहले कहा गया कि केवाईसी करानी होगी, केवाईसी के बाद बुकिंग हो जाएगी। लेकिन केवाईसी के बाद कई दिनों तक नंबर नहीं लगा। कई दिनों तक आनंद गैस सर्विस का चक्कर लगाने के बाद कहा गया कि बुकिंग हो गई है लेकिन डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) नंबर नहीं आया है। आनंद गैस सर्विस के कर्मचारी ने बताया कि अगले दस दिनों में डीएसी नंबर आएगा।

आनंद गैस सर्विस की मनमानी यही खत्म नहीं हो रही है। रोजाना दर्जनों ऐसे ग्राहक एजेंसी के चक्कर लगा रहे है जिनके पास गैस बुकिंग के बाद डीएसी नंबर नहीं आया। एजेंसी बताता है कि डीएसी आने में एक हफ्ते से दस दिन तक लग जाएगा। यही नहीं डीएसी नंबर आने के बाद भी घर तक एलपीजी सिलेंडर के पहुंचने में 10 से 15 दिनों तक का समय लग रहा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो बुकिंग के एक महीने के बाद गैस की डिलीवरी हो रही है। इस दौरान जमकर गैस की कालाबाजारी की जा रही है जिसमें एजेंसी के कर्मचारियों की मिलीभगत है। अगर जिला प्रशासन इस एजेंसी की मनमानी की जांच करेगी तो सब कुछ सामने आ जाएगा। कैसे बिना ग्राहकांे के घर एलपीजी पहुंचे ही उनके पास डिलीवरी का मैसेज आ रहा है, कैसे एक उपभोक्ता को गैस के बुकिंग से लेकर अपने घर पर सिलेंडर के पहुंचने तक संघर्ष करना पड़ रहा है। इस गर्मी में महिलाएं-बुजुर्ग सभी गैस एजेंसी के चक्कर लगा रहे है। जो उपभोक्ता सिलेंडर की डिलीवरी बुकिंग के 15-20 दिन बाद भी नहीं मिलने के बाद एजेंसी में पहुंचकर कर्मचारियों पर दवाब बनाते है उन्हें जल्द डिलीवरी का भरोसा देकर फिर घर भेज दिया जाता है। कई ग्राहकों ने बताया कि हर दूसरे-तीसरे दिन उन्हें एजेंसी के चक्कर लगाने पर रहे है। घर पर रसोई खत्म खत्म हो चुका है और डिलीवरी मैसेज के बाद भी घर पर सिलेंडर नहीं पहुंचा है, ऐसे में भोजन पर संकट मंडरा रहा है। आनंद गैस सर्विस की हरकत जिला प्रशासन के आदेश को ढेंगा दिखा रहा है और कालाबाजारी को बढ़ावा दे रहा है। ग्राहकों को अब मीडिया और जिला प्रशासन से ही उम्मीद है कि वो इस संकट को दूर करेंगे और ऐसे ऐजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे जो डीएसी के नाम पर खेल कर रही है और सिलेंडर की डिलेवरी और बुकिंग के नाम पर मनमानी कर रही है।



