नशीली कफ सिरप रैकेट में एबॉट कंपनी के अधिकारियों की मिलीभगत, धनबाद की देवकृपा मेडिकल एजेंसी भी जांच के घेरे में, अमित सिंह ‘टाटा’ के कबूलनामे से 100 करोड़ से अधिक के अवैध कारोबार का खुलासा

Picture of Live Dainik

Live Dainik

November 28, 2025

amit shingh tata

वाराणसी/लखनऊ/धनबाद:  नशीली कफ सिरप के अंतरराज्यीय अवैध कारोबार में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। आरोपी अमित सिंह उर्फ ‘टाटा’ के कबूलनामे के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इस पूरे रैकेट में केवल शुभम जायसवाल ही नहीं, बल्कि एबॉट कंपनी (Abbott) के कुछ अधिकारी और झारखंड के धनबाद स्थित देवकृपा मेडिकल एजेंसी भी इस अवैध नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। इनके माध्यम से कोडीन युक्त फार्माडोल कफ सिरप की बड़े पैमाने पर सप्लाई की गई।

अमित सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसका परिचय आजमगढ़ निवासी विकास सिंह के जरिए शुभम जायसवाल से हुआ था। शुभम पहले से ही कोडीन युक्त कफ सिरप की संगठित तस्करी में सक्रिय था। इसकी सप्लाई पश्चिम बंगाल, झारखंड और बांग्लादेश तक फैली हुई थी।

See also  एक्टर राजपाल यादव के तिहाड़ जाने पर सोनू सूद ने की बड़ी मदद, चेक बाउंस केस में अब चुका सकेंगे रकम

अमित सिंह का बड़ा निवेश, 5 लाख से करोड़ों के अवैध कारोबार तक

अमित सिंह ‘टाटा’ ने स्वीकार किया कि उसने शुरुआत में इस धंधे में करीब 5 लाख रुपये लगाए थे। कुछ ही महीनों में उसे 20 से 22 लाख रुपये तक का मुनाफा हुआ, जिससे उत्साहित होकर उसने दोबारा बड़ी रकम निवेश की और नेटवर्क को और मजबूत किया।

फर्जी फर्म बनाकर खेला गया करोड़ों का खेल

शुभम जायसवाल ने वाराणसी में फर्जी नाम से “शुभ मेडिक्ल” नाम की फर्म खुलवाई। साथ ही एक अन्य फर्म भी बनाई गई। इन दोनों फर्मों के जरिए फर्जी बिल और ई-वे बिल तैयार कर कोडीन युक्त कफ सिरप की खरीद-बिक्री दिखाई जाती थी। इससे लगभग 8 लाख रुपये तक का अतिरिक्त अवैध लाभ कमाया गया।

धनबाद की देवकृपा मेडिकल एजेंसी की भूमिका

अमित सिंह के कबूलनामे में यह भी सामने आया है कि झारखंड के धनबाद में स्थित देवकृपा मेडिकल एजेंसी के माध्यम से बड़ी मात्रा में कफ सिरप की सप्लाई कराई गई। एजेंसी का इस्तेमाल स्टॉक घुमाने, बिलिंग और ट्रांसपोर्ट के कागजी खेल में किया जाता था। अब धनबाद पुलिस और ड्रग विभाग भी इस एजेंसी की भूमिका की जांच में जुट गया है। देवकृपा मेडिकल एजेंसी पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है । 

See also  पेंसिल से अटैक, दांत से काटा... एयरपोर्ट पर बिना कपड़ों के अचानक आई महिला का तांडव! डरकर भागते दिखे यात्री

एबॉट कंपनी के अधिकारियों की सीधी सांठगांठ

कबूलनामे के अनुसार एबॉट कंपनी के कुछ अधिकारियों से सीधे संपर्क कर 100 करोड़ रुपये से अधिक का कोडीन युक्त कफ सिरप खरीदा गया। कंपनी से असली माल निकाला गया, लेकिन दस्तावेजों में फर्जी नामों से सप्लाई दिखाकर इसे अवैध बाजार में खपाया गया। बिल, ट्रांसपोर्ट और ई-वे बिल सभी फर्जी तरीके से तैयार किए जाते थे।

पत्नी के खाते से होता था करोड़ों का लेन-देन

अमित सिंह ने बताया कि इस अवैध कारोबार की रकम को सफेद करने के लिए उसकी पत्नी साक्षी सिंह के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया, जिसके जरिए करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ।

फरार हुआ शुभम जायसवाल, फर्जी नाम से कर रहा संपर्क

रैकेट के भंडाफोड़ के बाद शुभम जायसवाल अपने परिवार और पार्टनरों करण सिंह और गौरव जायसवाल के साथ फरार हो गया। वह अब फर्जी नामों से मोबाइल पर बातचीत कर रहा है और नेटवर्क को दोबारा खड़ा करने की कोशिश में लगा है।

See also  पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में बिना टिकट के सफर करने से लोगों को रोका, बेटिकट यात्रियों ने AC कोच में किया हंगामा, TTE का पैर तोड़ा

लंबा आपराधिक इतिहास

अमित सिहं  के खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2024 में दर्ज केस संख्या 182/2024 में उस पर धारा 420, 467, 468, 471, 120बी और 201 के तहत कार्रवाई चल रही है। इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट सहित कई अन्य मामले भी लंबित हैं।

देवकृपा मेडिकल एजेंसी और एबॉट के अधिकारियों पर जल्द शिकंजा

एसटीएफ और ड्रग विभाग अब देवकृपा मेडिकल एजेंसी, एबॉट कंपनी के संदिग्ध अधिकारियों और पूरे मनी ट्रेल की गहराई से जांच कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जल्द इस मामले में कई बड़े नामों की गिरफ्तारी संभव है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now