दुमका: नगर परिषद चुनाव प्रचार समाप्त होते ही दुमका में चुनावी धांधली के आरोपों ने माहौल गरमा दिया है। गाँधी नगर मोहल्ले में देर रात कथित रूप से पैसे बाँटने को लेकर दो पक्षों में झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।स्थानीय लोगों का आरोप है कि अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अभिषेक चौरसिया अपने समर्थकों के साथ मोहल्ले में पहुंचे और वोटरों को पैसे देकर प्रभावित करने की कोशिश की। विरोध करने पर कहासुनी बढ़ी और मामला झड़प तक पहुँच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मोहल्ले के ही दो लोगों को हिरासत में लेकर थाना ले गई।
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पुलिस कार्रवाई से नाराज़ स्थानीय लोग थाने पहुंचकर दोनों को छोड़ने की मांग करने लगे, लेकिन पुलिस ने भीड़ को वहां से हटा दिया। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन ने निर्दोष लोगों को उठाया है, जिससे प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।स्थानीय निवासी शुभम कुमार ने आरोप लगाया कि प्रत्याशी द्वारा जातिसूचक गाली-गलौज और धमकी दी गई। उनका कहना है कि यह दलित बहुल मोहल्ला है और दबंगई दिखाकर वोट प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। लोगों ने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ महीनों में कंबल वितरण किया गया था और अब चुनाव के ठीक पहले पैसे बांटकर मतदाताओं को लुभाया जा रहा है।
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वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष रुपेश मंडल ने आरोप लगाया कि झामुमो के अघोषित प्रत्याशी द्वारा धनबल से चुनाव प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो भाजपा धरना देने पर मजबूर होगी।दूसरी ओर अभिषेक चौरसिया ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अजय झा उर्फ मिक्की के समर्थक ही पैसे बांटने पहुंचे थे, जिन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया। उन्होंने प्रशासन से 23 फरवरी को होने वाले निकाय चुनाव को निष्पक्ष कराने की मांग की है।
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इस मामले में नाम आने के बाद अजय झा उर्फ मिक्की ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो चुनाव आयोग में शिकायत करेंगे।मौके पर मौजूद एसडीपीओ विजय कुमार महतो से मीडिया ने जानकारी चाही, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगा और क्या दुमका निकाय चुनाव शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न हो पाएगा? चुनावी धांधली के आरोपों ने स्थानीय राजनीति का तापमान बढ़ा दिया।




