अकेले पड़े चंपाई सोरेन? चार साथियों ने छोड़ा साथ, क्या करेंगे ‘कोल्हान टाइगर’

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झारखंड की राजनीति में सरगरमी बरकरार है, हर कोई चंपाई सोरेन के अगले कदम के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहता है। कोल्हान टाइगर के नाम से मशहूर चंपाई सोरेन को लेकर सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। वे बीजेपी में जाएंगे, रिटायरमेंट लेंगे या अफनी अलग पार्टी बनाएंगे इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। विधानसभा चुनाव से पहले चंपाई अकेले हो गए हैं क्योंकि उनके चार वफादार साथियों ने मौजूदा सीएम हेमंत सोरेन के प्रति निष्ठा की शपथ ली। चंपाई पिछले हफ्ते दिल्ली पहुंचे और वहां से उन्होंने सीएम पद से ‘अनौपचारिक रूप से हटाए जाने’ के लिए झामुमो नेतृत्व के खिलाफ अपने पोस्ट के जरिए निराशा व्यक्त की थी।

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इस साल जनवरी में एक जमीन मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद हेमंत ने चंपाई को उत्तराधिकारी चुना था। हालांकि, हेमंत के जमानत पर रिहा होने के बाद, उन्होंने जुलाई में चंपाई को पद से हटा दिया। उनके पहले भी नाराज होने की बात सामने आई थी। मगर हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट ने राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी थी, इसलिए चंपाई को कथित तौर पर झामुमो के चार साथियों और पार्टी से निकाले गए अन्य विधायकों का समर्थन प्राप्त था। उनके इस कदम ने झामुमो को चौंका दिया और भाजपा को आदिवासी पार्टी और इंडिया ब्लॉक पर हमला करने का मौका दे दिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को हेमंत ने पार्टी पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। बताया जा रहा है कि चंपाई के चार करीबी झामुमो विधायकों ने हेमंत से मुलाकात की और भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज कर दिया। ये चारों विधायक रामदास सोरेन (घाटशिला), संजीव सरदार (पोटका), मंगल कालिंदी (जुगसलाई) और समीर कुमार मोहंती (बहरागोड़ा) थे। चंपाई मंगलवार को रांची वापस लौट आए हैं और उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली यात्रा के दौरान उन्होंने किसी भी भाजपा नेता से संपर्क नहीं किया। अब सबकी नजर उनके अगले कदम पर है।

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हेमंत के घर के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए रामदास ने कहा, ‘(झामुमो के संरक्षक और हेमंत के पिता) शिबू सोरेन हमारे राजनीतिक गुरु हैं और झामुमो मेरा घर है। मैं कहीं नहीं जा रहा हूं। हेमंत बाबू ने हमसे मुलाकात की और विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज करने का निर्देश दिया, क्योंकि अब बहुत कम समय बचा है।’ झामुमो पश्चिमी सिंहभूम अध्यक्ष रामदास ने इस बात से इनकार किया कि चंपाई ने हेमंत के खिलाफ बगावत करने को उनसे संपर्क किया। रामदास ने कहा, ‘हम झामुमो में हैं और अगर चंपाई दा पार्टी में हैं, तो हम उनके साथ रहेंगे।’

चंपाई सोरेन का आगे क्या होगा, इसके जवाब में रामदास सोरेन ने कहा कि ये वही बताएंगे। वह अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों को लेकर सीएम आवास आए हुए थे। विधायक समीर मोहंती ने कहा कि वह झामुमो में हैं और झामुमो में ही रहेंगे। हेमंत सोरेन के हाथ को मजबूत करने का काम करेंगे। जो बातें उठीं हैं उस पर कभी कुछ नहीं कहा गया है। मोहंती ने कहा कि चंपाई सोरेन के बारे में हम क्या बोलेंगे। उनकी नाराजगी है तो वे ही बोलेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कौन बोल रहा है कि हमलोग भाजपा में जाएंगे? हमलोगों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि दल-बदल का हमारा कोई इरादा नहीं है।

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