गढ़वा : पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहरण के महज पांच घंटे के भीतर अपहृत युवक मुरारी तिवारी को सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सत्येंद्र नारायण सिंह ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि तीन जून को गढ़वा पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली थी कि एलएनटी कंपनी में पाइप फिटर के पद पर कार्यरत मुरारी तिवारी का अपहरण कर लिया गया है तथा अपराधी उनसे फिरौती की मांग कर रहे हैं। सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की गई।
एसडीपीओ ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मझिआंव थाना क्षेत्र के चंदना गांव में छापेमारी की गई। वहां से शेख अंसार और नदीम खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपहरण कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने अपहृत के स्वजनों से स्कैनर के माध्यम से 30 हजार रुपये प्राप्त किए थे। साथ ही अन्य आरोपितों के नामों का भी खुलासा किया।
इसके बाद पुलिस ने शेख अंसार, पिता शेख तसउर तथा नदीम खान, पिता शमीम खान, दोनों निवासी चंदना, थाना मझिआंव को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। इधर लगातार बढ़ते पुलिस दबाव के कारण अपहरणकर्ता मुरारी तिवारी को छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने अपहृत युवक को चंदना और रमना के बीच से सकुशल बरामद कर लिया।
मुरारी तिवारी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह तीन जून को सगमा स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा के पास कार्य कर रहे थे। इसी दौरान करीब ढाई बजे एक सफेद बोलेरो में सवार चालक सहित छह अपराधियों ने उनका अपहरण कर लिया। इसके बाद अपराधी उनसे साढ़े सात लाख रुपये की फिरौती मांगने लगे। इस दौरान परिजनों से ऑनलाइन स्कैनर के माध्यम से 30 हजार रुपये भी वसूल लिए गए।पुलिस ने मुरारी तिवारी के बयान के आधार पर धुरकी थाना में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। गिरफ्तार आरोपितों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।इस अभियान में एसडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंह के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक जितेंद्र कुमार आजाद, बृज कुमार, थाना प्रभारी अमित कुमार, हरिहरपुर ओपी प्रभारी नसीम अंसारी समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे।


