पिता और भाई के बाद अब बहन ने छोड़ा तेजप्रताप का साथ, रोहिणी आचार्य ने कहा-परिवेश, परंपरा, परिवार, परवरिश…

Picture of Live Dainik

Live Dainik

May 25, 2025

पिता और भाई के बाद अब बहन ने छोड़ा तेजप्रताप का साथ, रोहिणी आचार्य ने कहा-परिवेश, परंपरा, परिवार, परवरिश...

पटनाः लालू यादव ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को पार्टी और परिवार दोनों से बाहर कर दिया। शनिवार को तेजप्रताप यादव का अनुष्का यादव के साथ संबंध वाला पोस्ट और वीडियो वायरल होने के बाद आरजेडी अध्यक्ष ने तेजप्रताप को परिवार से बेदखल कर दिया। इसके बाद तेजस्वी यादव ने भी दो टूक कर दिया कि उनके परिवार भाई अपने निजी फैसले खुद ले उससे उन्हे और परिवार को कोई मतलब नहीं। अब उनके बहन रोहिणी आचार्य ने भी अपने भाई से पल्ला झाड लिया है।

अनुष्का के साथ वीडियो वायरल होने पर तेज प्रताप को लालू यादव ने आरजेडी से निकाला, परिवार से भी किया बेदखल
रोहिणी आचार्य ने अपने पिता लालू याद के पोस्ट को टैग करते हुए लिखा है कि जो परिवेश , परंपरा , परिवार और परवरिश की मर्यादा का ख्याल रखते हैं , उन पर कभी सवाल नहीं उठते हैं , जो अपना विवेक त्याग कर मर्यादित आचरण व् परिवार की प्रतिष्ठा की सीमा को बारम्बार लांघने की गलती – धृष्टता करते हैं, वो खुद को आलोचना का पात्र खुद ही बनाते हैं ..
हमारे लिए पापा देवतुल्य हैं , परिवार हमारा मंदिर व् गौरव और पापा के अथक प्रयासों – संघर्षों से खड़ी की गयी पार्टी व् सामाजिक न्याय की अवधारणा हमारी पूजा .. इन तीनों की प्रतिष्ठा पर किसी की वजह से कोई आंच आए ये हमें कदापि स्वीकार्य नहीं ..

See also  राहुल गांधी की यात्रा के दौरान RJD सांसद संजय यादव और विधायक डब्लू सिंह के बाडीगार्ड भिड़े, तेजप्रताप ने तेजस्वी पर साधा निशाना

तेजप्रताप और अनुष्का का VIDEO हुआ वायरल, करीबी ने कमरे में रिकार्ड कर लालू के बेटे के साथ कर दिया खेल

इससे पहले आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप को परिवार और पार्टी से बाहर करने का एलान करते हुए लिखा था कि निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमज़ोर करता है। ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। अतएव उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूँ। अब से पार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी। उसे पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया जाता है।अपने निजी जीवन का भला -बुरा और गुण-दोष देखने में वह स्वयं सक्षम है। उससे जो भी लोग संबंध रखेंगे वो स्वविवेक से निर्णय लें। लोकजीवन में लोकलाज का सदैव हिमायती रहा हूँ। परिवार के आज्ञाकारी सदस्यों ने सावर्जनिक जीवन में इसी विचार को अंगीकार कर अनुसरण किया है। धन्यवाद।

See also  Para Teachers लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला,चरणबद्ध तरीके से सहायक आचार्य के रूप में नियुक्त करे झारखंड सरकार

 

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now