पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार एक अजब गजब मामला सामने आया है। इस बार चुनाव में एक ही उम्मीदवार ने दो पार्टियों से नामांकन कर दिया। मधेपुरा के आलमगर सीट पर ये मामला सामने आया है। नवीन कुमार ने इंडिया गठबंधन के दो दलों से अपना नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने आरजेडी और वीआईपी पार्टी से नामांकन दाखिल कर दिया है।
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क्या है पूरा मामला ? : मधेपुरा में एक विधानसभा सीट है आलमनगर। यहां पर पहले नवीन कुमार ने आरजेडी प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया। हालांकि जब उन्हें पता चला कि यह सीट वीआईपी कोटे में चला गया है तो उन्होंने मुकेश सहनी की पार्टी से अपना पर्चा दाखिल कर दिया।
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RJD से नामांकन लेंगे वापस : इस बात की चर्चा ज्योंहि मीडिया में होने लगी तो हड़कंप मच गया। बवाल होता देख नवीन कुमार उर्फ नवीन निषाद ने कहा कि वह आरजेडी से अपना नामांकन वापस ले लेंगे। वीआईपी उम्मीदवार के रूप में वह मैदान में उतरेंगे।
”पार्टी का जो आदेश हुआ है उसी का मैंने पालन किया है। इसी वजह से दो बार नामांकन करना पड़ा। आगे भी पार्टी जैसा निर्देश देगी वह पालन करूंगा।”- नवीन कुमार, आलमनगर से वीआईपी प्रत्याशी
‘स्थानीय मुद्दों और लोकप्रियता पर चयन’ : इधर, वीआईपी के जिलाध्यक्ष ब्रह्मदेव सहनी कहते हैं कि हमारी पार्टी हमेशा से स्थानीय मुद्दों पर फोकस करती रही है। आलमनगर के उम्मीदवार का चयन भी स्थानीय मुद्दों और लोकप्रियता पर हुई है।नवीन कुमार इंजीनियर हैं और स्थानीय पकड़ भी उनकी अच्छी है।
नरेन्द्र नारायण यादव का जबरदस्त प्रभाव : आलमनगर सीट पर 30 सालों से एकछत्र राज रहा है। वह लगातार यहां से विधायक चुने जा रहे हैं। पिछली बार यानी साल 2020 में नरेन्द्र नारायण यादव ने तत्कालीन आरजेडी प्रत्याशी नवीन कुमार को 28 हजार से ज्यादा मतों से हराया था।
पड़ोसी जिले का प्रभाव : आलमनगर विधानसभा को अगर गौर से देखा जाए तो यह सहरसा, खगड़िया, भागलपुर, नवगछिया, कटिहार और पूर्णिया से सटा हुआ है। इस वजह से इसपर आसपास के क्षेत्रों का भी काफी प्रभाव पड़ता है।





