बिहार चुनाव: लालू ने शरद यादव के बेटे को टिकट नहीं दिया, फोटो दिखा शांतनु बोले- समाजवाद की हार हुई

Picture of Live Dainik

Live Dainik

October 18, 2025

sharad yadav and tajshwi yadav

Bihar Chunav: देश के बड़े समाजवादी नेता शरद यादव के गढ़ मधेपुरा में उनके बेटे शांतनु को झटका लगा है। लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) ने शांतनु को टिकट नहीं दिया है। इस सीट पर शांतनु के चुनाव लड़ने की चर्चा थी।

मधेपुरा से पूर्व शिक्षा मंत्री और रामचरित मानस पर विवादित टिप्पणी करने वाले विधायक सह पूर्व शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेख का टिकट फाइनल कर दिया है। पहले से शांतनु को को सिंबल देने की बात चल रही थी। इस पर शरद यादव के बेटे का दर्द छलक गया है। शरद यादव की बेटी ने नाम लिए बिना लालू परिवार पर सीधा हमला किया है।

राहुल गांधी को राष्ट्रीय आपदा बताने वाले को कांग्रेस ने बिहार में दिया टिकट, अनुपम का पुराना पोस्ट वायरल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शांतनु यादव 2024 में ही लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे। वे राजद के सदस्य हैं और तेजस्वी यादव के करीबी माने जाते हैं। पिता के कारण लालू परिवार से उनके अच्छे रिश्ते हैं। 2024 में उन्हें टिकट तो नहीं मिला। राजद ने कुमार चंद्रदीप को चुनाव लड़ाया। शांतनु यादव को विधानसभा चुनाव 2025 में टिकट का भरोसा दिया गया था।

See also  युवा न्याय', 'नारी न्याय', 'किसान न्याय', 'श्रमिक न्याय' और 'हिस्सेदारी न्याय' के साथ शुरु होगा कांग्रेस का चुनावी संग्राम, घर-घर पहुंचेंगी गारंटी

इसके लिए वे सतत तैयारी भी कर रहे थे। पर उनकी उम्मीदों पर उस समय पानी फिर गया जब प्रो0 चंद्रशेखर का नाम राजद ने फाइनल कर दिया। चंद्रशेखर राजद के बड़बोले विधायक हैं जो रामचरित मानस पर विवादास्पद टिप्पणी करते रहते हैंं। शिक्षा मंत्री रहते वे काफी विवाद में घिरे रहे।

आज धनतेरस पर किस समय खरीदें सोना-चांदी, वाहन व अन्य सामान? क्या है पूजन का मुहूर्त, सब जानें

टिकट नहीं मिलने पर शांतनु यादव ने RJD को निशाना बनाते हुए सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने पिता के साथ तेजस्वी यादव की तस्वीर साझा करते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र और समाजवाद की हार करार दिया है। शांतनु RJD सुप्रीमो और तेजस्वी यादव के इस फैसले से बेहद आहत हैं और इसे समाजवाद की हार बता रहे हैं। हालांकि उन्होंने अपनी अगली रणनीति की घोषणा अभी तक नहीं की है।

See also  जेडीयू सांसद गिरिधारी यादव की सदस्यता खतरे में ! अपनी ही पार्टी ने उठाई अयोग्य करने की मांग

मध्य प्रदेश में जन्मे शरद यादव का मधेपुरा लंबे समय तक कर्मक्षेत्र रहा। वे सात बार सांसद बने जिसमें चार बार मधेपुरा से जीते। 1998 में उन्हें लालू यादव ने परास्त कर दिया लेकिन 1999 के मध्यावधि चुनाव में उन्होंने फिर से लालू यादव को परास्त कर दिया। अटल जी की सरकार में वे नागरिक उड्डयन मंत्री भी रहे।

5 हजार ले लो और चलो; देहरादून में नर्स से की गंदी बात, स्टाफ ने मिलकर पीट दिया, VIDEO

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now