रांचीः बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दवाब के क्षेत्र और चक्रवाती तूफान अर्नब का प्रभाव बुधवार से झारखंड में दिखने लगा है। राज्य के कई जिलों में आकाश में घने बादल छाये हुए हैं और रूक-रूक कर बारिश हो रही है। गुरुवार सुबह भी रांची समेत कई जिलों में बारिश हो रही है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला रात तक जारी रहा। मौसम में आए बदलाव से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
गुरुवार रात 8 बजे तक भारी बारिश की आशंका
मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड में चक्रवात सीधे प्रवेश नहीं कर रहा है, बल्कि आंध्र प्रदेश के तट पर सक्रिय अर्णब का प्रभाव राज्य में देखने को मिल रहा है। रांची समेत राज्य के अधिकांश जिलों में अगले 24 घंटे तक इसका असर रहने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार 29-30 अक्तूबर को राज्यभर में बारिश का अनुमान है। 29 को पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला व सिमडेगा में अत्यंत भारी बारिश तथा कोल्हान क्षेत्र व चतरा में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका जताई गई है।

ट्रेनें और फ्लाइट भी रद्द
मौसम में खराबी से रांची में बुधवार को दोपहर बाद विमान सेवाएं प्रभावित हुईं। मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु से आने वाले विमान एक से दो घंटे लेट रहे। उधर, कोल्हान के तीनों जिलों-पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में दोपहर से तेज हवा के साथ बारिश जारी रही। जमशेदपुर और घाटशिला में तेज हवाओं के साथ बारिश से खेतों में खड़ी व कटी हुई धान की फसल को क्षति पहुंची है। प. सिंहभूम के डीसी मनीष कुमार ने अलर्ट जारी कर हेल्पलाइन नंबर साझा किए हैं। इधर, लातेहार में मकई व धान की फसल को क्षति पहुंची है। गुमला, धनबाद, कोडरमा और गढ़वा-पलामू में भी बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी हुई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
झारखंड समेत 3 राज्यों में 70 से अधिक ट्रेनें रद्द
तूफान के कारण रेलवे ने झारखंड, ओडिशा और बंगाल में 70 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया है। विशाखापट्टनम-किरंदुल एक्सप्रेस 29 अक्तूबर से 4 नवंबर तक, राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस 29 अक्तूबर से 4 नवंबर तक और जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस 30 अक्तूबर से 5 नवंबर तक रद्द रहेगी। हावड़ा-जगदलपुर एक्सप्रेस 27 से 30 अक्तूबर तक रद्द है। जगदलपुर-हावड़ा, विशाखापट्टनम-कोरापुट पैसेंजर, भुवनेश्वर-जगदलपुर एक्सप्रेस और टाटानगर से गुजरने वाली संबलेश्वरी एक्सप्रेस भी अलग-अलग दिनों में रद्द कर दी गई हैं।
100 से ज्यादा की रफ्तार से चली हवाएं
अर्नब तूफान ने आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भीषण तबाही मचाई है। 125 से 135 किमी प्रति घंटे की गति से चली हवाओं और मूसलाधार बारिश से राज्य में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तटों को पार कर चुका है, लेकिन इसके प्रभाव से राज्य के 13 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा है। विशाखापत्तनम और अनकापल्ली में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। तटीय इलाकों से 10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।ओडिशा, बंगाल, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में भारी बारिश का अलर्ट है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नुकसान के आकलन के लिए केंद्रीय टीम भेजने का आग्रह किया है।






