रामगढ़ः दिवंगत रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के तीसरे दिन शनिवार को गोला प्रखंड के नेमरा गांव स्थित पैतृक आवास में संथाली रीति-रिवाज के अनुसार विभिन्न रस्में निभायी गयीं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी बहन अंजलि सोरेन, पत्नी कल्पना सोरेन समेत परिवार के सदस्य विधि-विधान में शामिल हुए। दोपहर करीब दो बजे परिवार की महिलाएं पैतृक आवास के सामने स्थित तालाब के पास पहुंचीं, जहां परंपरा के अनुसार रस्में अदा की गयीं।
भोजन, दातून और पानी लेकर घाट पहुंचे मुख्यमंत्री
श्राद्धकर्म के तीसरे दिन सुबह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन घर में तैयार भोजन, दातून और पानी लेकर परिजनों के साथ कुल्ही मोढ़ा दोपट्टिया के समीप घाट पहुंचे। वहां दिवंगत रूपी सोरेन के लिए भोजन परोसने समेत संथाली परंपरा के अनुसार रस्में निभायी गयीं। इस दौरान नेमरा गांव के संथाली समाज के लोग भी विधि-विधान में शामिल हुए।

पैतृक आवास के तालाब के पास निभायी गयीं रस्में
दोपहर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी कल्पना सोरेन, बहन अंजलि सोरेन और परिवार की अन्य महिलाएं पैतृक आवास के सामने स्थित तालाब के पास पहुंचीं। यहां संथाली रीति-रिवाज के अनुसार रस्में अदा की गयीं। श्राद्धकर्म के तीसरे दिन बाल और नाखून कटवाने समेत अन्य पारंपरिक नेग-नियम भी निभाये जा रहे हैं।
केंद्रीय कोयला मंत्री ने हेमंत सोरेन से की मुलाकात
दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी शनिवार को नेमरा स्थित पैतृक आवास पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की और रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी और बेरमो विधायक अनूप सिंह भी मौजूद रहे।

भूपेश बघेल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दी श्रद्धांजलि
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने भी शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने दिवंगत रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोक संवेदना व्यक्त की।

सांसद पप्पू यादव ने जताया शोक
सांसद पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।उन्होंने रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पप्पू यादव ने कहा कि जब गुरुजी शिबू सोरेन बीमार थे, तब वह उनसे मिलने आये थे। उस समय उनकी मुलाकात रूपी सोरेन से भी हुई थी।उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के परिवार पर दो बड़ी विपत्तियां आयी हैं।वह अंतिम संस्कार के दिन ही पहुंचना चाहते थे, लेकिन आंदोलन के कारण नहीं आ सके।

आलमगीर आलम, बादल पत्रलेख और निशात आलम भी पहुंचे
पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, बादल पत्रलेख और पाकुड़ की विधायक निशात आलम ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दिवंगत रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। मिलने वालों में झारखंड सरकार के वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी और कई विभागों के सचिव भी शामिल थे। उत्तरी छोटानागपुर के आयुक्त विजय कुमार गुप्ता भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
नेमरा गांव में छुतका समाप्त होने की परंपरा
रूपी सोरेन के निधन के बाद नेमरा गांव में संथाली समाज के लोग छुतका की परंपरा का पालन कर रहे थे। इस दौरान हल्दी और तेल के सेवन समेत कुछ नियमित गतिविधियां बंद थीं। श्राद्धकर्म के तीसरे दिन परंपरागत नेग-नियम पूरे होने के साथ गांव में दिनचर्या सामान्य होने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। रस्मों को प्राणिक हड़ाम बिजू सोरेन, नायके हड़ाम चेतन टुडू और कुडूम हड़ाम के सदस्य संथाली रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न करा रहे हैं।





