डेस्कः प्रवर्तन निदेशालय ने आईबीसी प्रक्रिया में अनियमितताओं और 168 करोड़ रुपये के कथित अपराध से जुड़े धनशोधन मामले में साधना ग्रुप के चेयरमैन राकेश कुमार गुप्ता को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन्हें विशेष अदालत में पेश कर पांच दिन की हिरासत हासिल की। जांच एजेंसी का आरोप है कि दिवाला प्रक्रिया के जरिए आयकर विभाग के 110.10 करोड़ रुपये के बकाये का निपटारा महज 20 लाख रुपये में कर दिया गया था।
63 वर्षीय राकेश कुमार गुप्ता को शुक्रवार, 9 अक्टूबर की रात करीब 10:25 बजे दिल्ली के वसंत कुंज स्थित ईश्वर फार्म्स से गिरफ्तार किया गया। शनिवार तड़के उन्हें अदालत में पेश किया गया। ED ने सात दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने पांच दिन की हिरासत मंजूर की। उन्हें 15 अक्टूबर को शाम चार बजे तक दोबारा अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया।

साधना ग्रुप टेलीविजन समाचार चैनल साधना टीवी और अन्य मीडिया नेटवर्क का संचालन करता है। समूह के प्रमुख की गिरफ्तारी मीडिया कारोबार से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कॉरपोरेट दिवाला प्रक्रिया की निगरानी को लेकर भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, अभी सामने आए आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं और इनका अंतिम न्यायिक परीक्षण होना बाकी है।
यह मामला ‘इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड’ (IBC) के तहत दिवालियापन की कार्यवाही में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। पुलिस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गुप्ता ने ‘कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स’ (CoC) में 99.41 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले संबंधित लेनदारों (related creditors) के माध्यम से ‘साधना मीडिया प्राइवेट लिमिटेड’ (SMPL) को दिवालिया घोषित करवाया, ताकि 110.10 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स बकाया 20 लाख रुपये में निपटाया जा सके।
इस व्यवसायी पर अन्य आरोपों में SMPL/आर्यन टीवी की रीसेल (पुनर्विक्रय) के दौरान क्रिप्टो करेंसी/हवाला के जरिए 2 करोड़ रुपये से अधिक नकद प्राप्त करना शामिल है। आरोप है कि उन्होंने SMPL से जुड़े लेनदारों को 4.48 करोड़ रुपये का भुगतान करवाया, जिसमें उनकी अपनी कंपनी ‘शार्पलाइन ब्रॉडकास्ट’ को दिए गए 2.99 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
ED द्वारा अदालत में पेश किए गए रिमांड दस्तावेजों के अनुसार, पुलिस शिकायत में कहा गया है कि SEBI ने मई 2025 में एक आदेश जारी कर गुप्ता को ‘साधना ब्रॉडकास्ट’ के शेयरों में ‘हेरफेर’ का “मास्टरमाइंड” बताया और लगभग 58 करोड़ रुपये के लिए “संयुक्त रूप से और व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार” ठहराया। ED ने अदालत को बताया कि इस मामले में अपराध से हुई कथित कमाई (proceeds of crime) 168 करोड़ रुपये है।





