गोड्डाः जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र में मुखिया अनुपम भगत पर गुरुवार को दिनदहाड़े फायरिंग की गई। बांझी रोड स्थित एक अवैध शराब अड्डे के पास तीन अपराधियों ने उन पर हमला किया, जिसमें मुखिया बाल-बाल बच गए। मुख्य बाजार स्थित पंडित टोला कांबली बगीचा के पास दो राउंड फायरिंग हुई, जिसमें एक खोखा भी बरामद किया गया है। हालांकि, मुखिया बाल-बाल बच गए, लेकिन इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने पोड़ैयाहाट थाना का घेराव कर आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की है।
SBI से लौटते वक्त 4 अपराधियों ने घेरा
जानकारी के अनुसार मुखिया अनुपम भगत भारतीय स्टेट बैंक की शाखा से अपने घर लौट रहे थे। तभी पहले से घात लगाए दो बाइक पर सवार चार अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया। बाइक सवार अपराधियों ने नजदीक से मुखिया पर ताबड़तोड़ गोली चला दी। दो राउंड फायरिंग की आवाज से बाजार में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि गोली मुखिया को नहीं लगी और वह उनके पास से गुजर गई। जिससे वे सुरक्षित बच निकले। घटना के बाद अपराधी बाइक से फरार हो गए. मौके पर पहुंची पुलिस ने एक खोखा बरामद किया है।
मुखिया ने इन नामों पर दर्ज कराई शिकायत
मुखिया अनुपम भगत ने बताया कि हमला करने वालों को उन्होंने पहचान लिया है। उन्होंने कहा कि गोली चलाने वालों में ग्राम द्रुपद निवासी नयन यादव, अंकित यादव और यादव टोला निवासी विकास यादव शामिल हैं। मुखिया ने कहा कि ये सभी एक सोची-समझी साजिश के तहत उन्हें मारने आए थे।
क्यों हुआ हमला
यह मामला और गंभीर इसलिए हो जाता है क्योंकि मुखिया अनुपम भगत वर्ष 2024 में हुए चर्चित शैलेंद्र भगत हत्याकांड के मुख्य गवाह हैं। उन्होंने कोर्ट में जाकर आरोपियों के खिलाफ गवाही भी दी थी। ग्रामीणों और मुखिया का मानना है कि गवाही देने के कारण ही उन्हें निशाना बनाया गया है।
थाने के बाहर फूटा जनता का गुस्सा
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से हजारों ग्रामीण पोड़ैयाहाट थाना पहुंच गए। आक्रोशित भीड़ ने थाना का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों की एक ही मांग थी कि मुखिया पर हमला करने वाले अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार कर एनकाउंटर किया जाए। उनका कहना था कि दिनदहाड़े एक जनप्रतिनिधि पर गोली चलाना कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए कि शैलेंद्र भगत हत्याकांड के गवाह को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई। मुखिया ने कई बार धमकी मिलने की बात कही थी, बावजूद इसके उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। फिलहाल पूरे पोड़ैयाहाट में तनाव का माहौल है। मुखिया के घर और मुख्य बाजार में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं। ग्रामीणों ने 12 घंटे के अंदर गिरफ्तारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।







