डेस्कः दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान TMC प्रमुख ममता बनर्जी समेत पार्टी के 5 नेताओं को दिल्ली पुलिस और CRPF ने हिरासत में लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने अरविंद केजरीवाल को भी डिटेन किया है। दिल्ली के साउथ एवेन्यू में विरोध प्रदर्शन कर रहे टीएमसी के नेताओं मतता बनर्जी समेत डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेन, प्रतिमा मंडल और समीरुल इस्लाम को हिरासत में ले लिया गया है। वहीं, इसके साथ ही आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी दिल्ली पुलिस ने डिटेन किया है। उनके साथ संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
हिरासत में लिए जाने के बाद ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए। पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को गिरफ्तार करना कब से आम बात हो गई है। TMC ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध के दौरान बातचीत करने के बजाय गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

.@DelhiPolice HOW DARE YOU?
Since when did arresting peaceful protesters become the norm in our democracy?
When peaceful dissent is met with arrests instead of dialogue, it raises serious questions about the state of our democratic values.
The Mo–Shah duo may continue to push the limits, but no government is above accountability, and no power is permanent.
@narendramodi, REMEMBER THAT!
A dark day for democracy.
A reminder that the fight to protect it must never stop…#SaveDemocracy
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) October 10, 2026
TMC ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि ‘मो-शाह की जोड़ी’ भले ही हदें पार करती रहे, लेकिन कोई भी सरकार जवाबदेही से ऊपर नहीं है और कोई भी सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती। पार्टी ने इस कार्रवाई को ‘लोकतंत्र के लिए एक काला दिन’ बताया और कहा कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई कभी नहीं रुकनी चाहिए।
दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया था। लेकिन दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी की वजह से प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर जाने से रोक दिया गया। दिल्ली पुलिस से सीजेपी को प्रदर्शन करने की परमिशन नहीं मिली, जिसकी वजह से मुंबई से दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस ने फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया। सभी को अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया है। वहीं जंतर-मंतर से लेकर संसद मारग तक हर जगह पुलिस का सख्त पहरा है। एक भी प्रदर्शनकारी को वहां तक पहुंचने नहीं दिया जा रहा है। राजधानी आज अभेद्य किले में तब्दील है। सुरक्षा के मद्देनजर 20 हजार जवान तैनात किए गए हैं। हर एक्टिविटी पर नजर रखने के लिए 300 कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट भी बंद किया गया है। 45 मेट्रो स्टेशन भी बंद हैं। हालांकि ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है।





