नेमरा/रामगढ़ः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रुपी सोरेन को हजारों नम आंखों ने नेमरा में अंतिम जोहार कहा । रांची में दिवंगत शिबू सोरेन के मोरहाबादी आवास से अंतिम यात्रा पहले हेमंत सोरेन के पैतृक आवास पर पहुंची जहां परंपरागत ढंग से उन्हें ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि दी फिर हेमंत सोरेन और उनके बेटे ने कंधा दिया । अंतिम यात्रा घर से जैसे ही बाहर निकली हजारों की तादाद में मौजूद भीड़ ने रुपी सोरेन अमर रहे के नारे लगाने शुरु कर दिए ।


अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
नेमरा में दिवंगत रुपी सोरेन की अंतिम विदाई से पहले रांची के मोरहाबादी स्थित उनके आवास पर पार्थिव शरीर रखा गया । झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार समेत झारखंड के तमाम छोटे-बड़े नेताओं ने श्रद्धांजलि दी । हेमंत सोरेन के आंसुओं को देख राज्यपाल भी भावुक नजर आए । श्रद्धांदजलि देने वालों में आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो भी शामिल थे । हेमंत सोरेन सुदेश महतो को देख गले लगा लिया और फफक पड़े । जेएमएम के लगभग सभी नेता श्रद्धाजंलि देने आवास पर पहुंचे थे ।

मोरहाबादी स्थित आवास पर राज्य सरकार के मंत्री चमरा लिंडा, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, सांसद विजय हांसदा, सांसद ढुल्लू महतो, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, मुख्यमंत्री श्री चम्पाई सोरेन, उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो, कई विधायकगण, पूर्व मंत्री औपर प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी ।
शोक में डूबा नेमरा, उमड़ा जनसैलाब
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की माता दिवंगत रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर का दर्शन और उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए नेमरा गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान दूर-दराज के क्षेत्रों से आए सैकड़ों ग्रामीण, समर्थकों, राजनीतिक दिग्गजों और प्रशासनिक अधिकारियों ने दिवंगत रूपी सोरेन को अश्रुपूर्ण आँखों से अंतिम विदाई दी। शव यात्रा में शामिल होकर बड़ी संख्या में लोग श्मशान घाट तक गये। माहौल गमगीन था, लेकिन हर एक की अंतिम तमन्ना रूपी सोरेन का अंतिम दर्शन करते हुए उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई देना था। नेमरा गांव का हर एक घर अंतिम विदाई बेला में जहां शामिल था, वहीं रूपी सोरेन के व्यक्तित्व और कृतित्व पर भी चर्चा कर रहा था।

सादगी और संघर्ष की प्रतिमूर्ति
दिवंगत रूपी सोरेन झारखंड आंदोलन के दौर से लेकर आज तक सादगी, त्याग और संघर्ष की प्रतिमूर्ति रही थीं। उन्होंने न केवल अपना परिवारिक दायित्व बखूबी निभाया था, बल्कि पूरे झारखंड समाज के लिए एक अभिभावक की भूमिका भी निभाई थी। उनके निधन से झारखंड ने एक ममतामयी मां और मार्गदर्शक को खो दिया है। इस दुःखद वेला में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री और उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की है।






