रांचीः कांके थाना क्षेत्र स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियार्ट्री (CIP) में MSC मनोविज्ञान की एक छात्रा के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बंगाल के दक्षिण 24 परगना स्थित नरेंद्रपुर थाना में जीरो FIR दर्ज हुई है। इसको कांके थाना में ट्रांसफर कर दिया गया है।पुलिस ने मामले में आरोपी छात्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आरोपी मूल रूप से बिहार का रहने वाला बताया गया है और फिलहाल शिक्षण संस्थान के ही हॉस्टल में रह रहा था।
आवेदन के अनुसार, पीड़िता सीआईपी में क्लिनिकल मनोविज्ञान की प्रशिक्षु (ट्रॉईनी) के रूप में कार्यरत थीं और उस दौरान पोस्ट ग्रेजुएट हॉस्टल में रहती थीं। एम.फिल. क्लिनिकल मनोविज्ञान के छात्र सार्थक चौधरी को हॉस्टल का कमरा नंबर 54 आवंटित था।

हॉस्टल में लड़कों के कमरों में जाने की अनुमति होने के कारण, पीड़िता साइकोमेट्री सीखने के उद्देश्य से 28 जून की रात करीब 10 बजे उस कमरे में गई थीं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ देर अभ्यास करने के बाद पीड़िता को चक्कर आने लगे।
28 जून की रात की घटना
पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार, पीड़िता फिलहाल शिक्षण संस्थान में इंटर्न के तौर पर काम कर रही थी। शिकायत में बताया गया है कि 28 जून 2026 की रात करीब 10 से 10:30 बजे वह कुछ सीखने के उद्देश्य से आरोपी के कमरे में गई थी। हॉस्टल में विद्यार्थियों के कमरे में आने-जाने को लेकर कोई विशेष रोक नहीं होने की बात भी शिकायत में कही गई है।
पानी पिलाने के बाद जबरदस्ती का आरोप
शिकायत के मुताबिक, कुछ देर बातचीत और काम सीखने के दौरान युवती को चक्कर जैसा महसूस होने लगा। आरोप है कि छात्र ने उसे अपनी स्टील की बोतल से पानी दिया था जिसे पीने के बाद वह असहज महसूस करने लगी थी। इसके बाद आरोपी ने उसे बिस्तर पर आराम करने के लिए कहा। शिकायत के अनुसार, युवती के बिस्तर पर लेटने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर दरवाजा बंद कर दिया और उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाया। युवती ने आरोप लगाया है कि उसने चिल्लाने की कोशिश की तो उसका मुंह दबा दिया गया।
घटना के बाद सामने आई शिकायत
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद वह मानसिक रूप से परेशान रही। बाद में उसने 2 सितंबर 2026 को नरेंदरपुर थाना पुलिस में शिकायत दर्जी कराई। जिसके आधार पर FIR दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर गंगाधर सिंह को दी है। थाना प्रभारी के तौर पर FIR में इंस्पेक्टर कुणाल कुमार का नाम दर्ज है।
पुलिस जुटा रही साक्ष्य
मामला सामने आने के बाद पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के दौरान घटनास्थल, हॉस्टल में मौजूद लोगों, आरोपी और शिकायतकर्ता से जुड़े तथ्यों के अलावा उपलब्ध अन्य साक्ष्यों को भी खंगाला जा सकता है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।





