7 साल बाद घर वापस जिंदा लौटने के बाद आदिवासी परिवार में खुशी का महौल, मां को जिंदा देख बेटी हुई भावुक

Picture of Live Dainik

Live Dainik

October 2, 2026

7 साल बाद घर वापस जिंदा लौटने के बाद आदिवासी परिवार में खुशी का महौल, मां को जिंदा देख बेटी हुई भावुक

लोहरदगा: सात साल का लंबा इंतजार, बेटी के लौटने की उम्मीद धीरे-धीरे खत्म होती हुई और फिर एक दिन अचानक घर के दरवाजे पर वही बेटी खड़ी मिल जाए, जिसे परिवार मृत समझकर अंतिम संस्कार तक कर चुका हो। लोहरदगा सदर प्रखंड के कुटमु गांव में सामने आई यह कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। सात वर्ष पहले लापता हुई डपली उरांव की अचानक घर वापसी ने पूरे परिवार को भावुक कर दिया है।

कुटमु गांव निवासी डपली उरांव करीब सात वर्ष पूर्व अचानक लापता हो गई थीं। डपली के लापता होने के बाद परिजनों ने इसकी सूचना सदर थाना पुलिस को दी थी। परिवार के लोगों ने अपने रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के गांवों में काफी दिनों तक उनकी तलाश की। जहां भी किसी महिला के मिलने या किसी सुराग की सूचना मिलती, परिजन वहां पहुंच जाते। लेकिन हर कोशिश के बाद भी डपली का कोई पता नहीं चल सका।

WhatsApp Image 2026 10 02 at 1.35.07 PM

समय बीतता गया और परिवार की उम्मीद कमजोर पड़ती गई। इसी दौरान कुडू थाना पुलिस की ओर से एक अज्ञात महिला के शव मिलने और उसके दफन किए जाने की सूचना मिली। परिजन थाने पहुंचे। पुलिस ने मोबाइल में मृत महिला की तस्वीर दिखाई। इसके बाद परिजनों को महिला के सामान और कपड़ों की जानकारी दी गई। परिस्थितियों को देखते हुए परिवार ने उस महिला को अपनी बेटी डपली समझ लिया।

See also  लोहरदगा में चला सघन ड्रिंक एंड ड्राइव एवं वाहन जांच अभियान, लगभग 100 वाहनों की जांच, नियम उल्लंघन करने वालों पर हुई कार्रवाई

WhatsApp Image 2026 10 02 at 1.35

बेटी के जीवित होने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी। परिजन भारी मन से घर लौटे और डपली को मृत मानकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर दी। परिवार ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि सात साल बाद उनकी जिंदगी में ऐसा दिन भी आएगा, जब डपली खुद चलकर उनके घर के दरवाजे पर वापस आएंगी।
आज मुंबई से कुछ लोग डपली उरांव (अनीता उरांव ) को लेकर कुटमु गांव पहुंचे और उन्हें उनके घर के दरवाजे पर लाकर खड़ा कर दिया। जिस बेटी को परिवार सात वर्ष पहले खो चुका था, वह अचानक सामने खड़ी थी। परिवार के लिए यह पल भावनाओं से भरा था। किसी की आंखों में खुशी के आंसू थे तो कोई बार-बार डपली को देखकर यह यकीन करने की कोशिश कर रहा था कि वह सचमुच जिंदा हैं और उनके बीच वापस लौट आई हैं।
मां को देखकर बेटे की खुशी का ठिकाना नहीं

See also  लोहरदगा में बॉक्साइड ढुलाई के दौरान गिरी एक दर्जन ट्रॉली, बाल बाल बचे कई लोग

डपली के बेटे रोहित उरांव के लिए यह पल जिंदगी का सबसे भावुक क्षण बन गया। वर्षों बाद जब उसने अपनी मां को सामने देखा तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मां के बिना बीते वर्षों का दर्द और अचानक मां के वापस लौट आने की खुशी, दोनों भावनाएं एक साथ उसके चेहरे पर दिखाई दीं।
रोहित अब अपनी मां की देखभाल और उनके लालन-पालन को लेकर उत्साहित है। वह चाहता है कि इतने वर्षों तक जिंदगी से दूर रही उसकी मां अब अपने परिवार के बीच सुरक्षित और सुकून से जीवन बिताएं।डपली के पति का भी निधन हो चुका है। ऐसे में परिवार के सामने अब डपली की देखभाल और उनके भविष्य को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी है।

मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं डपली, बीते वर्षों की यादें धुंधली

परिजनों के अनुसार डपली फिलहाल मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। वह अपने बीते वर्षों के बारे में बहुत कुछ स्पष्ट रूप से बता नहीं पा रही हैं। सात वर्षों तक वह कहां रहीं, किन परिस्थितियों में रहीं और उनके जीवन में क्या-क्या हुआ, इन सवालों के जवाब अभी परिवार के सामने नहीं हैं।

See also  SIR-2026 को लेकर लोहरदगा जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय, घर-घर पहुंचेंगे BLO, जागरूकता रथ रवाना, हस्ताक्षर अभियान से DC संदीप कुमार मीना ने दिया जनभागीदारी का संदेश

परिवार के लिए फिलहाल सबसे बड़ी खुशी यही है कि डपली उनके बीच वापस हैं। उनके बीते जीवन की कहानी जानने से अधिक परिजन अब उनके वर्तमान और भविष्य को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहते हैं।

मुंबई से आए लोगों ने इलाज की भी कराई व्यवस्था

डपली को लेकर गांव पहुंचे मुंबई के लोगों ने उनकी सेहत को देखते हुए चिकित्सीय उपचार और दवा की व्यवस्था भी की है। परिजनों का कहना है कि डपली को अब बेहतर इलाज और देखभाल की जरूरत है। परिवार उनकी स्थिति को देखते हुए आगे भी चिकित्सकों से सलाह लेकर इलाज की व्यवस्था करने में जुटा है।

सात वर्ष पहले जिस घर में डपली के लौटने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी, उसी घर में अब फिर से उम्मीद लौट आई है। मां की वापसी ने बेटे रोहित और पूरे परिवार को भावुक कर दिया है। परिवार के लिए डपली का लौटना केवल किसी खोए हुए सदस्य की वापसी नहीं, बल्कि वर्षों बाद वापस मिली जिंदगी की एक अनमोल सौगात है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now