लोहरदगाः सोमवार 28 सितंबर 2026 को अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी एवं झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के निर्देशानुसार लोहरदगा जिला कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में जिला अध्यक्ष सुखैर भगत की अध्यक्षता में निर्वाचन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं एवं कांग्रेस द्वारा उठाए गए “वोट चोरी” के आरोपों को लेकर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसके उपरांत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय से जिला समाहरणालय तक पैदल विरोध मार्च निकाला तथा महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम उपायुक्त महोदय को ज्ञापन सौंपकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे एवं निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक मतदाता का वोट उसकी संवैधानिक शक्ति है और मतदाता सूची एवं चुनावी प्रक्रिया से जुड़े किसी भी सवाल का निष्पक्ष, पारदर्शी और सार्वजनिक रूप से संतोषजनक समाधान होना आवश्यक है। कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर निर्वाचन आयोग तथा केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब और जवाबदेही की मांग की गई।


जिला अध्यक्ष सुखैर भगत ने कहा—
“लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव जनता का मत है। यदि किसी मतदाता को उसके मताधिकार को लेकर संदेह पैदा होता है, तो उस संदेह का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी विश्वसनीयता प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। कांग्रेस द्वारा उठाए गए ‘वोट चोरी’ के सवालों का तथ्यात्मक और सार्वजनिक जवाब मिलना चाहिए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार को इन गंभीर सवालों पर नैतिक एवं संवैधानिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। कांग्रेस लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।”

प्रदेश प्रतिनिधि श्री नेसार अहमद ने कहा—
“वोट केवल एक कागज या मशीन में दर्ज संख्या नहीं, बल्कि जनता की लोकतांत्रिक आवाज है। मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पारदर्शिता की कमी लोकतांत्रिक विश्वास को प्रभावित कर सकती है। ‘वोट चोरी’ के आरोपों की निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जवाब जरूरी है। केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।”

पूर्व युवा राष्ट्रीय महासचिव श्री अभिनव सिद्धार्थ ने कहा—
“देश का लोकतंत्र मजबूत तभी होगा, जब प्रत्येक मतदाता को अपने वोट की सुरक्षा पर पूरा भरोसा हो। निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों को नजरअंदाज करने के बजाय उनका तथ्यात्मक समाधान किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से भी कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर स्पष्ट स्थिति रखने की मांग करती है। जनता के मताधिकार से जुड़े हर सवाल का जवाब संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप मिलना चाहिए।”
अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर जोरदार विरोध जताया।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमिटी के पदाधिकारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता, प्रखण्ड पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विशेष रूप से मोहन दुबे, शाहिद अहमद बेलू, साजिद अहमद, अलोक साहू, प्रदीप विश्वकर्मा, सलीम अंसारी, प्रकाश उराँव, संदीप गुप्ता, संतोष महतो, सदरुल अंसारी, रविंद्र सिंह खेरवार, संतोषी उराँव,मुज्जमील अंसारी ,सोनू कुरैशी, राजू कुरैशी, कुणाल अभिषेक, सानियरों उराँव, जुगल भगत, तनवीर गौहर, सत्यदेव भगत, यूनुस अंसारी, संजर अंसारी, इमरान आजाद, दानिश अली, आरिफ हुसैन, सुशीला देवी, अमृता उराँव, नंदकिशोर शुक्ला, विकास नाथ सहदेव, सामिद अंसारी, किशोर साहू, हामीद अंसारी, सुशील उराँव, सेराजुल अंसारी, बुधदेव उराँव, दीपक ठाकुरण, यासीन कुरैशी, रुस्तम अंसारी, संतोष उराँव, तारिक अनवर, रामदेव उराँव, कमरुल अंसारी, जगमनी उराँव, रूपा देवी, बृजमणि खलखो, मनौवर आलम सहित पंचायत अध्यक्ष एवं हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






