रांचीः राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जंयती के अवसर पर राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को बापू वाटिका पहुंचे और उनकी प्रतिमा पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। इस मौके पर राजधानी रांची स्थित बापू वाटिका राष्ट्रपिता के प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, सांसद महुआ माजी, विधायक कल्पना सोरेन सहित राजनीतिक-सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मृणालिनी अखौरी ने बापू के प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम को पारंपरिक रूप से गाकर उन्हें याद किया।
महान विभूतियों के आदर्शों को आत्मसात करेंः राज्यपाल

इस मौके पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज हमारे देश के दो महान विभूतियों की जयंती है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का योगदान किसी से छिपा नहीं है, उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। दोनों महान विभूतियों ने देश के लिए अमूल्य योगदान दिया है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।राज्यपाल ने कहा कि हमें महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है, ताकि देश और प्रदेश का विकास हो सके।

सीएम हेमंत सोरेन ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की
गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए कहा कि आज का यह ऐतिहासिक दिन जब तक भारत रहेगा, तब तक याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों विभूतियों की आज जयंती है।हर साल की तरह हमलोग इस बार भी यहां इकट्ठा हुए हैं और श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का इतिहास पूरे दुनिया में जहां हमारे ऐसे विभूतियों ने जन्म लिया और इस देश का मार्गदर्शन किया और आज भी हमलोग उनके आदर्शों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

महात्मा गांधी ने स्वच्छता-पारदर्शिता का दिया था मंत्रः संजय सेठ
वहीं इस मौके पर रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वच्छता और पारदर्शिता का मूलमंत्र दिया था। उन्होंने देश को गुलामी से मुक्ति दिलाई थी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को हम आज श्रद्धा-सुमन अर्पित कर उन्हें याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को आज नमन कर रहा है। वहीं लाल बहादुर शास्त्री ने देश को संकट से उबारने के लिए जय जवान-जय किसान का नारा दिया था आज उन्हें हम याद कर रहे हैं। उन्होंने अपने प्रधानमंत्रित्व काल में सप्ताह में एक दिन उपवास रखने का आह्वान किया था। हम सभी ने उसमें भागीदारी निभाई थी। उनका मकसद राष्ट्र प्रथम था।ऐसे दोनों महान विभूतियों को आज हम याद करते हुए नमन करते हैं।





