लोहरदगा : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान को लेकर उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी संदीप कुमार मीना ने बुधवार को समाहरणालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य जिले के प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना तथा मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाना है। इसके लिए जिला प्रशासन ने बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था, घर-घर सर्वे, जागरूकता अभियान और तकनीकी माध्यमों का सहारा लिया है। प्रेस वार्ता के बाद उपायुक्त ने समाहरणालय परिसर से निर्वाचन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा एसआईआर-2026 के समर्थन में आयोजित हस्ताक्षर अभियान में भी भाग लेकर लोगों को शत-प्रतिशत जनभागीदारी का संदेश दिया। इस अवसर पर पीडी आईटीडीए सह वरीय निर्वाचन पदाधिकारी सुषमा नीलम सोरेंग, उप निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी-सह-ईआरओ अमित कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शिवनंदन बड़ाईक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

हर पात्र मतदाता तक पहुंचेगी निर्वाचन आयोग की जानकारी : उपायुक्त
उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्रत्येक पात्र मतदाता तक सही और पूरी जानकारी पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले के सभी प्रखंडों और नगर क्षेत्र में जागरूकता रथ भेजे जा रहे हैं, जो पंचायतों और वार्डों में भ्रमण कर नागरिकों को गणना प्रपत्र, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने तथा आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। इसलिए सभी नागरिक इस अभियान में सहयोग करें और समय पर अपना गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को उपलब्ध कराएं।

प्रत्येक प्रखंड में निगरानी की विशेष व्यवस्था
उपायुक्त ने बताया कि अभियान के प्रभावी संचालन और सतत अनुश्रवण के लिए पेशरार, किस्को, कुडू, सदर प्रखंड तथा नगर परिषद क्षेत्र में जिला स्तर के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। बीएलओ के सहयोग के लिए स्वयंसेवकों (वॉलेंटियर्स) को लगाया गया है। प्रत्येक प्रखंड एवं नगर क्षेत्र में सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) तैनात हैं। वहीं जिला स्तर पर अनुमंडल पदाधिकारी-सह-ईआरओ, उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा पीडी आईटीडीए भी अभियान की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

29 जुलाई तक घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ
उपायुक्त ने बताया कि 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक जिले के सभी बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर पहुंचकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे। प्रत्येक मतदाता को दो प्रतियां दी जाएंगी। दोनों प्रतियों को भरना होगा। एक प्रति पर हस्ताक्षर कर बीएलओ को वापस देनी होगी, जबकि दूसरी प्रति पर बीएलओ हस्ताक्षर कर पावती के रूप में मतदाता को लौटाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएलओ प्राप्त प्रपत्रों को बीएलओ एप के माध्यम से डिजिटाइज करेंगे और जिन मतदाताओं द्वारा हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र वापस किया जाएगा, उन्हीं का नाम 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल रहेगा।

बाहर रहने वाले मतदाताओं को भी मिलेगी सुविधा
उपायुक्त ने बताया कि यदि कोई मतदाता जिले से बाहर है तो वह अपने बीएलओ से संपर्क कर अथवा भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल के माध्यम से भी गणना प्रपत्र जमा कर सकता है। वहीं यदि संबंधित मतदाता उपलब्ध नहीं है तो उसके परिवार का कोई वयस्क सदस्य भी प्रपत्र भरकर जमा कर सकता है।
छूटे मतदाताओं की भी होगी मैपिंग
उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की अब तक मैपिंग नहीं हो सकी है, उन्हें भी इस अभियान के दौरान अवसर दिया जाएगा। ऐसे मतदाता 30 जून से 29 जुलाई के बीच अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर अपनी मैपिंग सुनिश्चित करा सकते हैं।

18 वर्ष पूरी करने वाले युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
उपायुक्त ने बताया कि जिन युवाओं की आयु 01 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूरी हो चुकी है अथवा हो जाएगी, वे बीएलओ से फॉर्म-6 प्राप्त कर आवश्यक घोषणा पत्र के साथ जमा करें। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका नाम 07 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नए मतदाताओं के लिए दस्तावेजों की व्यवस्था जन्मे तिथि के आधार पर निर्धारित की गई है। पहली जुलाई 1987 से पहले जन्मे आवेदकों को केवल अपना दस्तावेज देना होगा। पहल जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे आवेदकों को स्वयं के साथ माता अथवा पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा। 02 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे आवेदकों को स्वयं के साथ माता एवं पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। विदेश में जन्मे भारतीय नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास से जारी जन्म प्रमाण-पत्र तथा अन्य निर्धारित नागरिकता संबंधी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा।

इन दस्तावेजों को किया जाएगा मान्य
उपायुक्त ने बताया कि यदि किसी मतदाता अथवा उसके माता-पिता का नाम पूर्व के विशेष पुनरीक्षण की मतदाता सूची में दर्ज है तो अतिरिक्त दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी। अन्य मामलों में जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, मैट्रिक अथवा शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वनाधिकार प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, सरकारी पहचान-पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, खतियान सहित निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज मान्य होंगे। यदि आधार कार्ड प्रस्तुत किया जाता है तो उसके साथ निर्धारित अन्य दस्तावेजों में से किसी एक की स्व-सत्यापित प्रति भी देना आवश्यक होगा।

जागरूकता रथ करेगा गांव-गांव प्रचार
प्रेस वार्ता के बाद उपायुक्त ने समाहरणालय परिसर से निर्वाचन जागरूकता रथ को रवाना किया। उन्होंने बताया कि यह रथ जिले के सभी पंचायतों एवं नगर क्षेत्र के वार्डों में भ्रमण कर एसआईआर-2026 से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की जानकारी देगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता जानकारी के अभाव में मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
हस्ताक्षर अभियान से दिया जनजागरण का संदेश
इस अवसर पर एसआईआर-2026 के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। उपायुक्त सहित समाहरणालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मियों ने हस्ताक्षर कर मतदाता जागरूकता और शत-प्रतिशत जनभागीदारी का संदेश दिया। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं अभियान में भाग लें और अपने परिवार, पड़ोस तथा अन्य लोगों को भी मतदाता सूची के सत्यापन एवं अद्यतन कार्य के लिए प्रेरित करें।

‘लोकतंत्र को मजबूत बनाने में निभाएं अपनी जिम्मेदारी
उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की कि जब बीएलओ घर पहुंचे तो उनका पूरा सहयोग करें, गणना प्रपत्र सही ढंग से भरकर समय पर लौटाएं तथा अपने परिवार के प्रत्येक पात्र सदस्य का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सकेगी।


