लोहरदगा: शहर में एक बेकाबू बाक्साइट ट्रक ने करीब डेढ़ किलोमीटर तक सड़क पर जमकर उत्पात मचाया। शहरी क्षेत्र के सदर ब्लॉक मोड़ के पास उक्त ट्रक ने सड़क किनारे लगे बिजली के पोल को जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद चालक ने वाहन रोकने के बजाय ट्रक को आगे बढ़ाता रहा। एक के बाद एक कई बिजली पोल के तार टूटते चले गए और एक बिजली पोल ट्रक में फंसकर सड़क पर घिसटता रहा। इस दौरान बिजली के तार सड़क पर फैल गए। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इस घटना के बाद लोहरदगा-गुमला-रांची मुख्य मार्ग पर अफरातफरी मच गई। सड़क पर बिजली के तार और टूटे पोल देखकर वाहन चालक अचानक रुकने लगे। ट्रक की चपेट में आने से रास्ते में कई दोपहिया और चाैपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह वहां से हटकर अपनी जान बचाई।



पोल घसीटते हुए पावरगंज तक पहुंचा ट्रक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ब्लॉक मोड़ के पास बिजली पोल से टकराने के बाद भी ट्रक नहीं रुका। ट्रक में फंसा पोल सड़क पर घिसटता रहा और करीब डेढ़ किलोमीटर तक वाहन के साथ चलता गया। सड़क पर तार फैलने से लोगों में करंट की आशंका को लेकर भी भय बना रहा। पावरगंज चौक से पहले चालक ने ट्रक रोक दिया। इसके बाद वह वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। ट्रक संख्या जेएच08-एफ 4329 के रुकने के बाद सड़क पर बिजली पोल और तार फैले रहने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। देखते ही देखते मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

रूट डायवर्ट कर पुलिस ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही यातायात पुलिस के साथ गश्ती दल और मोटरसाइकिल दस्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए पावरगंज चौक के पास वाहनों का रूट डायवर्ट कराया। इसके बाद भी सड़क से टूटे पोल और बिजली तार हटाने तथा यातायात सामान्य कराने में काफी समय लगा। घंटों तक जाम रहने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सदर थाना पुलिस ने चालक को पकड़ा
घटना के बाद सदर थाना पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर शंख नदी पुलिस पिकेट में सुरक्षित रखा है। चालक से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और ट्रक की चपेट में आने से कितने वाहनों को नुकसान पहुंचा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के व्यस्त मार्ग पर इस तरह बेकाबू वाहन का दौड़ना बेहद गंभीर मामला है। यदि उस समय सड़क पर अधिक भीड़ होती तो हादसा बेहद भयावह हो सकता था। घटना ने शहर की यातायात व्यवस्था और भारी वाहनों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।





