रांचीः धनबाद के बरवाअड्डा थाना में डुमरी विधायक जयराम महतो व उनके समर्थकों और बड़ापिछड़ी पंचायत के मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के बीच हुई झड़प के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना 21 अगस्त 2026 की रात हो हुई। पुलिस थाना में लगे सीसीटीवी कैमरे व सोशल मीडिया में चल रहे वीडियो व फोटो के माध्यम से नामजद व अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है। कुछ लोगों को पुलिस ने नोटिस दिया है, लेकिन अभी तक विधायक जयराम महतो को नोटिस नहीं मिला है।
इधर, जयराम महतो की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस एसोसिएशन का पांच दिनों का अल्टीमेटम 31 अगस्त को समाप्त हो गया। मंगलवार को पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू मीडिया के सामने विधायक जयराम महतो के माफी नहीं मांगने और गिरफ्तारी नहीं होने के बाद आगे लिये जाने वाले निर्णयों की जानकारी देंगे। वहीं एमपी एमएलए कोर्ट में सरकारी काम में बाधा, लोकसेवक के साथ धक्का-मुक्की व धमकाने के मामले में डुमरी विधायक जयराम महतो की ओर से दायर अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी। सोमवार को धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एमपी एमएलए न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया था।

पुलिस एसोसिएशन द्वारा विधायक के खिलाफ मोर्चा खोले जाने के बीच एक सितंबर को जयराम महतो ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट लिखते हुए इसे सरकार की साजिश बताया और कहा कि उन्होंने पुलिसकर्मियों की आवाज को हमेशा उठाने का किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि पुलिसकर्मियों की हर आवाज को केवल मैंने ही सदन में रखने का काम किया है। जब विधानसभा में प्रतिनियुक्त पुलिसकर्मियों को समय पर भोजन नहीं मिल रहा था, तब मैंने आवाज़ उठाई और उसके बाद उन्हें समय से भोजन उपलब्ध कराया जाने लगा। अफसोस है कि उस समय पुलिस एसोसिएशन के किसी सदस्य का ध्यान नहीं आया और ना ही किसी ने धन्यवाद तक देना जरूरी समझा।
मेरी लड़ाई किसी पुलिसकर्मी या पदाधिकारी से व्यक्तिगत नहीं है। मेरी लड़ाई उस पुलिसिया सिस्टम के खिलाफ है, जहाँ आम जनता के साथ-साथ निचले स्तर के पुलिसकर्मियों का भी शोषण होता है।
मैंने तो एक गरीब दलित बेटे के पक्ष में बरवाअड्डा थानेदार से सिर्फ इतना कहा था कि बिना वजह किसी को प्रताड़ित न किया जाए। कई नेताओं ने कोयला माफियाओं और दबंगों को थाने से छुड़ाया, तब पुलिस एसोसिएशन कहाँ सो रहा था ?
आज पूरे झारखंड में हमारी पार्टी छात्रों के अधिकार और उनके भविष्य की लड़ाई को लेकर मुखर है। मैं भी सड़क से सदन तक उनके साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा हूँ।
इस आंदोलन को कमजोर करने के लिए सरकार और घोटालेबाजों के सिंडिकेट द्वारा साजिश रची जा रही है। मुझे इस साजिश में उलझाकर नियुक्ति माफिया और सरकार अपने कारनामों से जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं। सरकार ख़ुद का बचाव कर रही है।
लेकिन मैं ना झुकूँगा, ना रुकूँगा, ना टूटूँगा। ये मेरा वादा है आपसे, संघर्ष जारी रहेगा…
पुलिसकर्मियों की हर आवाज को केवल मैंने ही सदन में रखने का काम किया है। जब विधानसभा में प्रतिनियुक्त पुलिसकर्मियों को समय पर भोजन नहीं मिल रहा था, तब मैंने आवाज़ उठाई और उसके बाद उन्हें समय से भोजन उपलब्ध कराया जाने लगा। अफसोस है कि उस समय पुलिस एसोसिएशन के किसी सदस्य का ध्यान… pic.twitter.com/JB929jKZBm
— Jairam Kumar Mahato MLA (@Tigerjairam) September 1, 2026






