CID ने की पूर्व सदस्य डॉ. अनिमा हांसदा से पूछताछ, JPSC मेधा घोटाला में 7 फरार सेटिंग एजेंटों की भी तलाश तेज

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August 14, 2026

JSSC CGL परीक्षा में गड़बड़ी का मामलाः CID ने गिरिडीह-कोडरमा से तीन गिरफ्तार

रांची: जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितता, ओएमआर शीट में हेराफेरी, परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के चयन में गड़बड़ी बरतने व वसूली के बिंदु पर सीआईडी ने शुक्रवार को जेपीएससी की तीसरी पूर्व सदस्य डॉ. अनिमा हांसदा का बयान लिया।

डॉ. अनिमा हांसदा ने जेपीएससी में किसी भी अनियमितता में अपनी भूमिका से सीधे तौर पर इन्कार किया। उनका कहना है कि वर्तमान में जो भी मामले चल रहे हैं, उसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है।

सीआईडी ने जेपीएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के चयन पर सवाल पूछा तो उन्होंने बताया कि वह भी जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के माध्यम से ही हुआ था।

एजेंसी चयन में अन्य सदस्यों की क्या भूमिका रही, इसपर डॉ. अनिमा कुछ भी नहीं बता सकीं। वह प्रशासनिक कार्यों पर नजर रखतीं थीं, लेकिन अनियमितता की भनक उन्हें नहीं मिली थी। सीआइडी की अब तक की पूछताछ में डॉ. अनिमा हांसदा ने खुद को निर्दोष बताया है।

इससे पहले सीआईडी ने जेपीएससी की दो सदस्यों डॉ. अजिता भट्टाचार्य व डॉ. जमाल अहमद से पूछताछ की थी। सीआईडी ने डॉ. अजिता से 10 अगस्त व डॉ. जमाल से 12 अगस्त को बयान लिया था। पूर्व में गिरफ्तार आरोपितों ने इन दोनों ही सदस्यों की भूमिका को संदिग्ध बताया था और यह भी कहा था कि दोनों के एजेंट थे, जो अभ्यर्थियों से वसूली करते थे और परीक्षा में उत्तीर्ण कराने का दावा करते थे।

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सीआईडी बयान में सामने आए एजेंट्स का सत्यापन कर रही है और अब तक सामने आए बयान के विरुद्ध साक्ष्य जुटा रही है। गिरफ्तार आरोपितों के बयान अब तक डॉ. अनिमा हांसदा की संदिग्ध भूमिका का जिक्र नहीं है।

दूसरे दिन भी सातों आरोपितों की जारी रही तलाश

जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में सीआईडी ने दूसरे दिन भी पांच जिलों में सातों आरोपितों की तलाश जारी रखी है ये सीआइडी के वांटेड हैं, जिनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। ये आरोपित कोचिंग संचालक व बिचौलिए हैं, जिन्होंने अभ्यर्थियों से संपर्क करने से लेकर उनकी सेटिंग कराने तक में एजेंट की भूमिका निभाई।

इनमें रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के पेप्सी ग्राउंड का रहने वाला आदित्य पांडेय, रांची के ही टाटीसिलवे थाना क्षेत्र के हरिनगर का रहने वाला पवन कुमार सिंह, पलामू के टाउन थाना क्षेत्र का रहने वाला रवि शंकर कुमार, पलामू के ही टाउन थाना क्षेत्र के हमीदगंज का निवासी संतोष कुमार सिंह, बोकारो के बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-3 का निवासी सानंद प्रकाश, हजारीबाग जिले के सदर थाना क्षेत्र के कोर्रा का रहने वाला लालू कुमार यादव व गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के हथगर का रहने वाला सौरभ कुमार पांडेय शामिल है। अगर इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई तो इनके विरुद्ध कुर्की-जब्ती की भी कार्रवाई होगी।

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एल. खियांग्ते के कंप्यूटर आपरेटर धर्मेंद्र से चौथे दिन व बिंसिस के निदेशक अरुण से तीसरे दिन भी हुई पूछताछ

सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार से चौथे दिन व बिंसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अरुण कुमार उर्फ अरुण शर्मा से तीसरे दिन भी रिमांड पर पूछताछ की। सीआईडी ने दोनों को आमने-सामने भी बैठाया और उनके बयान की क्रास चेकिंग भी की।

पूर्व में आए तथ्यों, आरोपितों के बयान, साक्ष्य आदि के संदर्भ में दोनों से पूछताछ की जा रही है। धर्मेंद्र ने स्वीकारा है कि एल. खियांग्ते उसपर बहुत भरोसा करते थे और वह उनके लिए काम करता था। उनके लिए वसूली से लेकर एजेंसी के सेटिंग तक में वह शामिल था।

वहीं, बिंसिस के निदेशक अरुण कुमार ने पूछताछ में यह भी स्वीकारा है कि उसने जेपीएससी में काम के लिए दो करोड़ रुपये में सौदा किया था। यह सौदा भी धर्मेंद्र ने ही कराया था।

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ओएमआर शीट की स्क्रूटनी जारी

सीआईडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के अधीन संचालित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2025 (विज्ञापन संख्या-01/2026) की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों से वाट्सएप व ईमेल पर मंगाए गए ओएमआर शीट की कार्बन कापी की फोटो मांगी थी।

अब तक मिले सभी 1,750 ओएमआर शीट का सत्यापन व स्क्रूटनी जारी है। कुल उत्तीर्ण 2,204 अभ्यर्थियों में 454 ने अब तक अपनी ओएमआर शीट नहीं भेजी है, जिन्हें सीआइडी संदिग्ध मानकर जांच कर रही है।

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