डेस्कः नीट पेपर लीक को लेकर हो रहे आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। NEET-UG परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर देशभर में जारी विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच उन्होंने यह फैसला लिया। धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर एक इसका ऐलान किया और इस्तीफा देने की वजह भी बताई।


अपने चिट्ठी में उन्होंने लिखा कि पिछले चार दशक से अधिक समय से वह छात्र,शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है।धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया और अगले साल से NEET को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने की घोषणा की गई।”
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभिजीत दीपके का पहला रिएक्शन सामने आया है। प्रधान के इस्तीफे पर बोले अभिजीत दीपके ने कहा कि झुकती है दुनिया बस झुकाने वाला चाहिए। CJP फाउंडर ने कहा, ‘कहा जाता था कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते। लेकिन इस्तीफा हुआ है। कहते थे कब तक बैठोगे। 36 दिन हर दिन मुझ से सवाल पूछा जाता था कि इस्तीफा नहीं होगा। लेकिन सरकार झुक गई। क्या कहते थे कि क्रांति नहीं होगी। लेकिन क्रांति हो गई।’ अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाना शुरू कर दिया है।
धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा-दीपके
अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर से कहा ‘जब मैं अमेरिका से निकला था, तब कहा जा रहा था क्या होगा। लेकिन धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।’ अभिजीत दीपके और उनके साथी फिलहाल जंतर-मंतर पर जश्न मना रहे हैं। इससे पहले प्रधान ने इस्तीफा के साथ-साथ एक लेटर भी शेयर किया है।


