डेस्कः देश के प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में सेंधमारी करने वाले एक बड़े सॉल्वर गैंग का लखीसराय पुलिस ने पर्दाफाश किया। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की और गैंग को पकड़ा। असली परीक्षार्थी की जगह बैठने के लिए सॉल्वरों ने 30 से 40 लाख रुपये में डील तय की थी। पुलिस ने इस मामले में गैंग के सरगना और पीएमसीएच, गयाजी मेडिकल कॉलेज, एम्स रायबरेली और बीएसयू के मेडिकल छात्रों समेत कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में दो इंटर्न डॉक्टर, पांच एमबीबीएस छात्र व अन्य बताये जा रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में परीक्षा के दौरान छात्रों का फिंगरप्रिंट लेने वली बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस को इनपुट मिली थी कि दूसरे की जगह डमी कैंडिडेट परीक्षा दे रहे हैं। जिसके बाद पुलिस ने राजकीय उच्च विद्यालय हसनपुर, केआरके हायर सेकेंड्री और केंद्रीय विद्यालय में छापेमारी कर सभी आरोपियों को सिलसिलेवार तरीके से दबोचा। लखीसराय की एसपी प्रेरणा के अनुसार आरोपियों के पास से मोबाइल व अन्य अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं।
बोयोमेट्रिक कंपनी का कर्मी बन परीक्षा केंद्र में घसा था
हाजीपुर का मूल निवासी मयंक कश्यप पीएमसीएच का छात्र हैं। एनटीए ने बायोमैट्रिक जांच की जिम्मेदारी जिस निजी कंपनी को दी थी, मयंक ने उसी कंपनी के स्टाफ से मिलीभगत कर ली। फिर वह खुद कर्मचारी बनकर हसनपुर परीक्षा केंद्र में घुस गया। हालांकि, पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। मयंक से हुई कड़ी पूछताछ के बाद ही बायोमेट्रिक कंपनी के अन्य स्टाफ भी पकड़े गए और यह बड़ा भंडाफोड़ हो सका।
ये हुए गिरफ्तार
अर्पित राजः सॉल्वर गैंग का सरगना व एएनएमएमसीएच, गयाजी का छात्र
मयंक कश्यपः पीएमसीएच का छात्र
पूनम कुमारीः बीएचयू नर्सिंग की छात्रा (मधुप्रिया नाम से परीक्षा देते पकड़ी गई)
सौरभ झाः एम्स रायबरेली का छात्र
अमन अग्रवालः यूपी मेडिकल कॉलेज (शाहरदरा दिल्ली का इंटर्न)
संजीत और उसका भाईः सॉल्वर (संजीत एनएमसीएच नर्सिंग का छात्र)। बायोमैट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारी







