रांचीः झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव बहुत रोचक हो गया है। एनडीए और महागठबंधन के बीच दूसरी सीट के लिए कांटे की लड़ाई नजर आ रही है। आंकड़ों के आधार पर महागठबंधन के पास 56 का जादुई आंकड़ा है लेकिन परिमल नाथवानी के मैदान में होने से संशय की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच सोमवार शाम हुई एनडीए विधायक दल की बैठक में सात विधायक गैर हाजिर रहे। विधायकों की अनुपस्थिति से पूर्व मंत्री बंधू तिर्की के दावों को हवा मिली है।

NDA की बैठक में 7 विधायक गैर हाजिर
कांग्रेस नेता बंधू तिर्की ने एनडीए के तीन विधायकों के संपर्क में होने का दावा किया था। बीजेपी विधायक प्रकाश राम तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती हो गए और इसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में सात विधायकों के गैर-हाजिर होने से बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी राह मुश्किल होने के कयास लगाए जाने लगे। एनडीए विधायक दल की बैठक में जेडीयू विधायक सरयू राय, बीजेपी विधायक आलोक चौरसिया, प्रकाश राम, शत्रुध्न महतो, रागिनी सिंह, चंपाई सोरेन और पूर्णिमा साहू शामिल नहीं हुए। हालांकि चंपाई सोरेन ने परिमल नाथवानी की सोमवार रात उनके आवास पर मुलाकात हुई। विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर बीजेपी विधायक दल के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि सभी अनुपस्थिति विधायकों ने पूर्व में सूचना दे दी थी।

मुख्यमंत्री आवास पर अब होगी विधायकों की परेड
वहीं दूसरी ओर महागठबंधन के विधायकों को लामबंद करने में जुटे कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा ने सोमवार को पटना जाकर तेजस्वी यादव से मुलाकात की। तेजस्वी यादव ने आरजेडी के चारों विधायकों के समर्थन का भरोसा दिया और भोला यादव को अपने प्रतिनिधि के रूप में राज्यसभा चुनाव के लिए रांची भेजने की बात कही। वाम दल के दो विधायक पहले ही कांग्रेस के समर्थन का एलान कर चुके है। संख्या बल के हिसाब से प्रणव झा के पास जेएमएम के छह विधायकों को जोड़कर 28 विधायकों का समर्थन है। प्रणव झा इस वोटों की संख्या को बढ़ाने के मिशन पर है और उन्होंने जेएलकेएम विधायक जयराम महतो से भी संपर्क साधा है। एनडीए की बैठक में सात विधायकों की अनुपस्थिति और महागठबंधन विधायकों की एकजुटता के दावों के साथ जयराम महतो के समर्थन मिलने की संभावनाओं के बीच प्रणव झा का पलड़ा फिलहाल परिमल नाथवानी के मुकाबले भारी नजर आ रहा है। परिमल नाथवानी के लिए एनडीए के सभी विधायकों के वोट के साथ ही चार अतिरिक्त वोट लाने की चुनौती है तो प्रणव झा के पास महागठबंधन के 28 विधायकों का प्रथम वरीयता का वोट हासिल करना चुनौती है। इन दोनों उम्मीदवारों के मुकाबले के बीच संख्या बल के हिसाब से जेएमएमए उम्मीदवार बैद्यनाथ राम का राज्यसभा पहुंचना पक्का माना जा रहा है। महागठबंधन के नेता और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर अब विधायकों की परेड रात्रि भोज के माध्यम से होने वाली और दोनों उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने को लेकर मंथन और रणनीति बनेगी।







