गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले का रंका प्रखंड एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है प्रखंड कार्यालय में कार्यरत बड़ा बाबू मुकेश कुमार, जो पिछले करीब 10 वर्षों से एक ही जगह पर पदस्थापित हैं। इस दौरान जिले में कई उपायुक्त, बीडीओ और अन्य प्रशासनिक अधिकारी आए और चले गए, लेकिन मनोज कुमार का तबादला नहीं हुआ।स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी या प्रभाव है, जिसके कारण एक अधिकारी एक दशक से अधिक समय तक एक ही प्रखंड में बना हुआ है। आरोप है कि पैरवी और ऊंची पहुंच के चलते उनका स्थानांतरण नहीं किया गया।
सरकारी नियमों के अनुसार समय-समय पर स्थानांतरण की व्यवस्था की जाती है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और एक ही स्थान पर लंबे समय तक पदस्थापन से उत्पन्न होने वाली संभावित अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। ऐसे में रंका प्रखंड का यह मामला कई सवाल खड़े कर रहा है।
लोग पूछ रहे हैं कि जब जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की बात की जाती है, तब 10 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारी पर अधिकारियों की नजर क्यों नहीं पड़ी? क्या नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं या फिर प्रभावशाली लोगों के लिए अलग व्यवस्था है?हालांकि, इस मामले में अब तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा नियमों के अनुरूप कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।







