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70वीं BPSC का फाइनल रिजल्ट जारी,श्रद्धा पांडेय बनीं टॉपर,2027 कैंडिडेट्स सेलेक्ट, 200 SDM-136 DSP बनेंगे

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Live Dainik

June 20, 2026

पटनाः बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने लंबे इंतजार के बाद 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार ने रिजल्ट जारी करते हुए कहा कि आयोग के इतिहास में सबसे बड़ी वैकेंसी थी। 2027 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। इसके साथ ही 2035 पदों के लिए चली आ रही करीब दो वर्षों तक चली चयन प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। अभ्यर्थी आयोग के आधिकारिक वेबसाइट www.bpsc.nic.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

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टॉप 3 की घोषणा : परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार ने टॉप तीन अभ्यर्थियों के नामों की घोषणा की। श्रद्धा पांडेय पहली टॉपर बनी हैं। जिन्हें कुल 593 अंक प्राप्त हुए हैं। सेकंड टॉपर शशांक गौरव हैं, इन्हें 592 अंक प्राप्त हुए हैं। तीसरे स्थान पर है आयुष विजॉय, इन्हें भी 592 अंक प्राप्त हुए हैं। टॉप 10 में पांच पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं। टॉप 100 में 45 महिलाएं हैं। कुल सफल अभ्यर्थियों में लगभग 300 के करीब अभ्यर्थी बिहार राज्य के बाहर के हैं।
‘सवाल तो उठते रहते हैं’ : संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बीपीएससी के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार ने कहा कि परीक्षा में जब बहुत कम समय में रिजल्ट आया था, तो लोग सवाल खड़ा किए थे कि इतनी जल्दी रिजल्ट कैसे आ गई? आज जब रिजल्ट जारी होने में थोड़ी लेट हुई है तो लोग फिर सवाल खड़ा कर रहे हैं कि परीक्षा परिणाम में देरी क्यों हो रही है?
HC से लेकर SC तक मामला गया : रवि मनुभाई परमार ने कहा कि 70वीं बीपीएससी को लेकर 3 महीने तक आंदोलन चला और पुनर्रपरीक्षा की मांग की गई। बाहर से आंदोलनकारियों को बुलाया गया। व्यक्तिगत केस किया गया और पीआईएल दायर हुआ। लगभग 4 महीने के आंदोलन के बावजूद आयोग का स्टैंड थोड़ा भी नहीं बदला।हाईकोर्ट से फटकार खाने के बाद लोग सुप्रीम कोर्ट में चले गए, लेकिन वहां भी फटकार मिली।
परीक्षा और विवाद : दरअसल, 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के लिए आयोग ने वर्ष 2024 में अधिसूचना जारी की थी। प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर 2024 को आयोजित की गई थी, जिसमें राज्यभर के लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए थे। हालांकि परीक्षा के दौरान पटना के बापू परीक्षा परिसर में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र वितरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद अभ्यर्थियों ने कई दिनों तक आंदोलन किया और परीक्षा रद्द करने की मांग उठाई। मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था और राजधानी पटना में लगातार प्रदर्शन हुए थे।
मुख्य परीक्षा में 20034 अभ्यर्थी शामिल हुए : विवाद के बाद आयोग ने बापू परीक्षा परिसर के अभ्यर्थियों के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया। पुनर्परीक्षा संपन्न होने के बाद प्रारंभिक परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी किया गया और सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका मिला। इसके बाद मुख्य लिखित परीक्षा का आयोजन वर्ष 2025 में किया गया, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। मुख्य परीक्षा में 20034 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
5449 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू : मुख्य परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद चयनित उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। 5449 अभ्यर्थी इंटरव्यू में शामिल हुए। आयोग ने अलग-अलग चरणों में इंटरव्यू आयोजित किए, जिसमें अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व, प्रशासनिक समझ, निर्णय क्षमता और विषयगत ज्ञान का मूल्यांकन किया गया। हाल ही में इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम परिणाम तैयार किया गया था।जिसका आज शनिवार को प्रकाशन हुआ है।
कब क्या हुआ?:-
13 दिसंबर 2024 को प्रीलिम्स हुआ था।
बापू परीक्षा परिसर की कैंसिल हुई परीक्षा 4 जनवरी 2025 को आयोजित हुई।
23 जनवरी 2025 को रिजल्ट आया।
25 से 30 अप्रैल 2025 को मेंस परीक्षा संपन्न हुआ।
16 दिसंबर 2025 को मुख्य/मेंस परीक्षा का रिजल्ट जारी हुआ।
कोचिंग माफिया पर भड़के : रवि मनुभाई परमार ने कहा कि परीक्षा को कैंसिल कराने के लिए परीक्षा माफिया और कोचिंग माफिया ने अभ्यर्थियों को बरगलाकर लूटने का काम किया। एक गुरु जी ने अपनी वीडियो में बताया कि एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसा गया है और सभी सीटें बेची गई हैं। बच्चे कोर्ट में सुनवाई के दिन शिक्षक से सबूत मांगते रह गए लेकिन नहीं दिया।हर परीक्षा के पहले यही प्रक्रिया दोहराई जाती है। आज रिजल्ट आने के बाद भी विभिन्न कोचिंग संस्थान दावा करना शुरू कर देंगे कि मेरे यहां से 250 से अधिक स्टूडेंट क्वालीफाई किए हैं।
2035 पदों पर नियुक्तियां : दरअसल, बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से बिहार प्रशासनिक सेवा, बिहार पुलिस सेवा, वित्तीय प्रशासन, ग्रामीण विकास, राजस्व और अन्य विभिन्न विभागों के कुल 2035 पदों पर नियुक्तियां की जानी था, लेकिन 8 सीट खाली रह गई। आठ पद डिसेबिलिटी श्रेणी वाले खाली रहे हैं। अधिकारियों का कहना था डीफ एंड डंप श्रेणी के उम्मीदवार नहीं मिल पाए, डेढ़ सौ कैंडिडेट की मेडिकल जांच करने के बावजूद यह नहीं मिले।

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