रांचीः पथ निर्माण विभाग में लेखापाल की नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से सात लाख रुपए ठग लिए गए। अब मनोज कुमार पासवान ने इस संबंध में लालपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। उसने निमाय चंद्र चटर्जी पर उसे ठगने का आरोप लगाया है।
गिरिडीह के अरारी गांव निवासी मनोज ने एफआईआर में कहा कि उसके कुछ दिन पहले निमाय से मुलाकात हुई थी। उसने बताया कि वह बीआईटी मेसरा मोड़ पर रहता है और धुर्वा स्थित सचिवालय से हाल ही में रिटायर हुआ है। उसका दामाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पीए है। उसके दोस्त विक्की और अमित कुमार अभी सचिवालय में पोस्टेड हैं। इनकी मदद से वह सचिवालय या पथ निर्माण विभाग में लेखापाल के पद पर नौकरी दिलवा देंगे। वे झांसे में आ गए और सात लाख रुपए में डील फाइनल हुई। पैसे लेने के बाद आरोपी ने कहा कि उसे ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी। मेडिकल और इंटरव्यू भी होगा। यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके मोबाइल पर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भेज दिया। फर्जीवाड़े का पता चलने के बाद पैसे मांगे तो फोन उठाना बंद कर दिया।
डोरंडा में दिलाई परीक्षा, फिर लिया इंटरव्यूः पैसे लेने के बाद आरोपी ने 26 जून 2024 को ऑनलाइन परीक्षा में शामिल होने के बाद डोरंडा बुलाया। वहां एक ऑफिस में फर्जी परीक्षा में बैठाया। फिर मेडिकल जांच की गई। कुछ लोगों ने इंटरव्यू भी लिया। इसके बाद फोन पर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भेज दिया। उसमें 7 अगस्त 2024 से 16 अगस्त 2024 तक ज्वाइन करने गया। वह कई बार ज्वाइनिंग कराने की बात कहकर सचिवालय ले गया, लेकिन हर बार संबंधित व्यक्ति के न होने की बात कहकर लौटा दिया।
तीन किस्त में छह खाते में दिए पैसे
मनोज ने पुलिस को बताया कि उसने तीन किस्तों में 5.67 लाख रुपए छह खातों में ऑनलाइन भेजा। इसके अलावा 1.32 लाख रुपए कैश करमटोली स्थित एक होटल में निमाय और विक्की को दिया। जिन लोगों के खाते में पैसे भेजे, उनमें कृति दास महतो, जनता ट्रेडर्स, राजेश कुमार, काजल रानी बर्मण, विक्की कुमार और एनसी चटर्जी का खाता शामिल है। पुलिस इन खातों का डिटेल्स जुटा रही है।


