महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिरा,पक्ष में 298 और विरोध में पड़े 230 वोट

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April 17, 2026

महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिरा,पक्ष में 298 और विरोध में पड़े 230 वोट

डेस्कः लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े तीन बिल शुक्रवार को गिर गया। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया। सदन में संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े।

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इस बिल के लोकसभा में गिर जाने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ प्रोटेस्ट किया।संसद के मकर द्वार से यह प्रोटेस्ट शुरू हुआ। अब बीजेपी और एनडीए में शामिल दलों के कार्यकर्ता कल यानी 18 अप्रैल से इंडिया ब्लॉक से जुड़ी पार्टियों के नेताओं के घर के बाहर प्रोटेस्ट करेंगे।महिला आरक्षण से जुड़े बिल पर 528 वोट पड़े। यह संविधान संशोधन बिल थे, जिन्हें पारित कराने के लिए दो तिहाई बहुमत जरूरी होता है। ऐसे में बिल पारित कराने के लिए 352 वोट की जरूरत थी, लेकिन बिल के पक्ष में 298 वोट ही पड़े। इस बिल के विरोध में 230 वोट पड़े।

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इसके साथ ही संसदीय राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ऐलान किया कि और दो बिल पर सदन में आगे चर्चा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को अधिकार देकर रहेगी।इसके साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही शनिवार सुबह 11 बजे तक स्थगित करने का ऐलान किया। संविधान संशोधन(131वां संशोधन) बिल के लोकसभा में पारित न होने पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “ये बिल जिस तरह से सरकार ने पेश किया, उस तरह से उसका पारित होना नामुमकिन था। उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ा और पुरानी जनगणना से जोड़ा, जिस कारण से इसे पारित नहीं किया गया।”केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “महिला विरोधी माइंटसेट की बात वो कह रहे हैं जिन्होंने हाथरस में कुछ नहीं किया, जिन्होंने उन्नाव में कुछ नहीं किया। जिन्होंने मणिपुर की महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया, जिन्होंने खिलाड़ियों के लिए कुछ नहीं कहा…ये कह रहे हैं कि हमारा माइंडसेट महिला विरोधी है।”

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लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े बिल पास नहीं होने पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि “यह संविधान पर आक्रमण था और इसे हमने हरा दिया है तो यह अच्छी बात है। हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह महिला बिल नहीं है, यह हिंदूस्तान का जो राजनीतिक ढांचा है, चुनावी ढांचा है, उसे बदलने की कोशिश है। यह हमने रोक दिया है। मैं प्रधानमंत्री से कह रहा हूं कि अगर आप महिला आरक्षण चाहते हैं तो 2023 का महिला आरक्षण बिल निकालिए, उसका क्रियान्वयन आज से करिए और पूरा विपक्ष 100% आपको समर्थन देगा और महिला आरक्षण को हम तत्काल लागू कराएंगे।”महिला आरक्षण से जुड़े बिल पास नहीं होने पर बीजेपी सांसद कांगना रनौत ने कहा कि “…सारी बेटियों, महिलाओं का मनोबल गिरा दिया गया। मुझे नहीं लगता कि इस तरह की उम्मीद किसी ने भी विपक्ष ने की थी। मुझे यह व्यक्तिगत क्षति लग रही है… जैसा प्रधानमंत्री ने कहा कि हम महिलाओं को उनका हक दिलाकर रहेंगे, तो हमें प्रधानमंत्री मोदी पर विश्वास है।”

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