नेपाल में भारत की गाड़ियों पर कस्टम लागू, बालेन सरकार के फैसले से नाराजगी

Picture of Live Dainik

Live Dainik

April 17, 2026

नेपाल में भारत की गाड़ियों पर कस्टम लागू, बालेन सरकार के फैसले से नाराजगी

डेस्कः भारत और नेपाल के बीच रोटी और बेटी का रिश्ता लंबे समय से है। नेपाल में नई सरकार के एक फैसले से भारत के लोगों में नाराजगी है। अब भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों पर नेपाल (India Vehicle Rules In Nepal 2026) में भंसार अनिवार्य (Nepal Custom For India News) करने के खिलाफ सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में सर्लाही जिले के मलंगवा के माध्यम से नेपाल सरकार के गृहमंत्री को एक ज्ञापन भेजा गया है।कोड़ेना गांव पालिका के मेयर रूपेश कुमार के नेतृत्व में ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इसमें सरकार के हालिया निर्णय पर गहरी चिंता जताई गई है।

पारसनाथ पहाड़ियों से चतरा तक माओवादियों का खात्मा! हजारीबाग में हुए नक्सली मुठभेड़ के बाद मिली बड़ी कामयाबी
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि भारत और नेपाल के बीच केवल एक अंतरराष्ट्रीय सीमा ही नहीं, बल्कि सदियों पुराना धार्मिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्ता भी जुड़ा हुआ है। सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के बीच विवाह, व्यापार और दैनिक आवागमन हमेशा से सहज और निर्बाध रहा है।विशेष रूप से विवाह के दौरान भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहन दहेज के रूप में मिलने की परंपरा का भी जिक्र करते हुए कहा गया कि ऐसे वाहनों का सीमित क्षेत्र में उपयोग लंबे समय से होता आया है, जिस पर कभी कोई विवाद नहीं रहा।
25 किलोमीटर तक आवागमन की परंपरा पर असर
ज्ञापन में बताया गया कि सीमावर्ती नागरिक वर्षों से 25 किलोमीटर तक स्वतंत्र रूप से आवागमन करते रहे हैं, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी होती रही हैं, लेकिन नए प्रतिबंध के कारण न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, बल्कि आपसी संबंधों में भी कड़वाहट आने की आशंका बढ़ गई है।ज्ञापन में नेपाल सरकार से आग्रह किया गया है कि वह इस फैसले पर गंभीरता से पुनर्विचार करे और भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों को सीमित क्षेत्र में पहले की तरह चलने की अनुमति प्रदान करे।

See also  भाई वीरेंद्र की मुसीबत और बढ़ी, हड़काने वाले पंचायत सचिव ने SC-ST थाने में दर्ज कराई FIR

नोएडा हिंसा के तार झारखंड से जुड़े, हजारीबाग और जमशेदपुर के युवक ने पाकिस्तानी हैंडलर्स से ली मदद
दोनों देशों के नागरिकों पर पड़ेगा फैसले का असर’
मेयर रूपेश कुमार ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो इसका असर दोनों देशों के नागरिकों के बीच वैवाहिक संबंधों, सामाजिक सौहार्द और दैनिक जीवन पर नकारात्मक रूप से पड़ेगा।ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यह प्रतिबंध केवल वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था, सामाजिक ताना-बाना और आपसी विश्वास भी प्रभावित होगा।लोगों ने सरकार से अपील की है कि वह जनता की भावनाओं को समझते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय ले, ताकि भारत-नेपाल के बीच सदियों से चले आ रहे रिश्तों की गर्माहट बनी रहे।सीमावर्ती इलाकों में उठी यह आवाज अब एक बड़े मुद्दे का रूप लेती जा रही है। इससे पहले, कई पार्टी के नेता भी बैठक कर भारतीय वाहनों पर सख्ती के खिलाफ सरकार को चेतावनी दे चुके हैं।देखना होगा कि नेपाल सरकार इस जनभावना को कितनी गंभीरता से लेती है और क्या इस फैसले में बदलाव की कोई संभावना बनती है या नहीं?

See also  केरल: वी.एस. अच्युतानंदन को अंतिम विदाई: हजारों की भीड़, अलप्पुझा में जनसैलाब...तस्वीरों में देखिए वामपंथ की ताकत
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now